शिवराज के जबलपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को अल्प प्रवास पर जबलपुर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जमकर स्वागत किया। 10 मिनट डुमना एयरपोर्ट पर रुकने के बाद शिवराज सिंह सड़क मार्ग से नरसिंहपुर, गोटेगांव पंचायत एवं ग्रामीण विकास मं
.
अल्प प्रवास पर जबलपुर पहुंचने के दौरान पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसानों के लिए केंद्र की मोदी सरकार लगातार विकास के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने का इंतजार मामा को हमेशा से लगा रहता है, पर मैं अपने काम पर लगा हुआ हूं।
शिवराज का स्वागत करते मप्र के मंत्री राकेश सिंह।
शिवराज ने बताया कि 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती के अवसर पर दो बड़े मिशन केंद्रीय कृषि विभाग लॉन्च कर रहा है। पहला है दलहन मिशन। पूर्व सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी का मंत्र दिया है, हम गेहूं में, चावल में, आत्मनिर्भर है, अन्य के भंडार भरे हुए है, लेकिन दालों में हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत दालों का सबसे बड़ा उत्पादक भी है, सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है, और सबसे बड़ा आयातक भी है, इसलिए दालों में भी भारत को आत्मनिर्भर करना है, लिहाजा दलहन को विशेष रूप से उन्नत तकनीकी के माध्यम से उत्पादन बेहतर हो इसकी कोशिश की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह भी फैसला लिया है, तुअर,मसूर और उड़द किसान जितनी भी पैदा करेंगे सब मिनिमम सपोर्ट प्राइस पर खरीदी जाएगी, एक भी दाना किसान का हम नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि दूसरा हमारा मिशन है यह भी है कि कृषि का उत्पादन देश के कई जिलों में एवरेज से कम है, इसके लिए नेशनल एवरेज, जो कि राष्ट्रीय औसत है, उसके पास लाना है। ऐसे उत्पादकता वाले 100 जिलों को लिया गया है, जिसमें उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि धन-धन योजना भी 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रही है।
प्राकृतिक खेती की दिशा में भी किसान तेजी से आगे आ रहे हैं, तो प्राकृतिक खेती का मिशन भी हमने लॉन्च किया है।शिवराज सिंह ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक साल में अकेले मध्य प्रदेश को 19 लाख मकान दिए है, लेकिन कई लोग शिकायत करते थे प्रधानमंत्री आवास की सूची में नाम तो है, लेकिन मकान नहीं है, इसके लिए एक नया सर्वे फिर से करवाया है, उसे सर्वे का एक बार फिर से वेरिफिकेशन होगा, और उसके बाद जो सूची में नाम आएंगे उनको भी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान दिए जाएंगे। कोई बिना मकान के नहीं रहेगा।