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Bundelkhand Kachri or Kacharia: बुंदेलखंड में खासकर बारिश के सीजन में कचरी या कचरिया खेतों में पाई जाती है. सर्दियों के मौसम में इसे खूब पसंद किया जाता है, नियमित सेवन करने से यह मांसपेशियों को मजबूत बना देता है. ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज के लिए वरदान माना जाता है. सब्जी में आचार में और चिप्स कि तरह इसका इस्तेमाल किया जाता है.
सोयाबीन मूंग या अन्य फसलों की कटाई होने पर यह खेतों में मिलती है एक-एक पौधे में 10- 15 तक फल होते हैं. यह फल एक इंच से 2 इंच तक के होते हैं, जो छोटे तरबूज की तरह दिखाई देते हैं. इसका पौधा बेल के रूप में चलता है, बुजुर्ग लोग आज भी इन फलों को तोड़कर घर लाते हैं और सब्जी बनाकर बड़े चाव के साथ खाते हैं.

सर्दियों के मौसम में भी इसे खाने की वजह से सर्दी और खांसी से राहत मिलती है. इसके लिए लोग कचरी को काटकर ड्राई करके रख लेते हैं, छोटे-छोटे बच्चों के लिए बड़ों के लिए बुजुर्गों के लिए किया है, एक बेहतरीन नुस्खे के रूप में इस्तेमाल होता है.

जब जरूरत पड़ती है तो इससे धीमी आंच में तवा पर गर्म करके इसमें तेल नमक मिर्च को मिक्स करके क्रिस्पी बना लेते हैं और फिर ऐसे सोने से ठीक पहले खाते हैं. कई लोग इसे शाम को भोजन के साथ भी खाते हैं.

इसमें प्रोटीन, विटामिन होने के साथ-साथ यह गर्म होती है जिसकी वजह से सर्दी में खाना लोग इसे पसंद करते हैं. जिसकी वजह से स्वाद तो ठीक होता है और सेहत पर भी अच्छा असर देखने को मिलता है.

कचरी में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, प्रोटीन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर और डायबिटीज वाले मरीजों के लिए वरदान होते हैं. इसका नियमित सेवन करने से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है.

कचरी को बुंदेलखंड में कचरिया के नाम से जाना जाता है. इस समय या खेतों में खूब मिलती है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलग से इनको बिनने के लिए खेतों तक पहुंचाते हैं. जमा करके घर ले आते हैं और फिर चाकू से काटकर 10-15 दिन के लिए धूप में सूखने के लिए डाल देते हैं.

जब यह अच्छी तरह से सूख जाती हैं तो इसे प्लास्टिक या स्टील के ऐसे बर्तन में रखते हैं, जिससे इन्हें हवा न लगे. फिर सर्दियों में और बरसात के मौसम में इनका इस्तेमाल किया जाता है.

कई लोग कचरिया का इस्तेमाल व्यापार के रूप में भी करते हैं. खेत से उठाकर ले जाते हैं और फिर बाजार में बेच देते हैं. वर्तमान में इसकी कीमत ₹40 किलो तक चल रही है और शहर के लोग इनको खरीदने आते हैं