पुण्य सलिला नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाने आए तीन युवकों की जान पर बन आई। लहरों ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया, लेकिन मसीहा बनकर आए नाविक दीपक केवट ने उन्हें मौत के मुंह से खींच निकाला। मगर, कहानी में ट्विस्ट तब आया जब तीनों में से एक युवक ने बेर
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बाहर निकलकर बोला- कौन सा एहसान कर दिया घटना ओंकारेश्वर के चक्रतीर्थ घाट पर हुआ। बैतूल से आए पांच दोस्त खंडवा के बड़वाह में मजदूरी करते हैं। सुबह-सुबह वे नर्मदा में स्नान करने पहुंचे थे। अचानक तेज बहाव में अनिल, अश्विन और एक अन्य युवक बहने लगे। उनके बाकी दो साथी तो डर के मारे घाट से ही भाग खड़े हुए।
नाविक दीपक केवट ने बताया, अनिल किनारे पर डूब रहा था, जबकि अश्विन बीच धारा में फंस गया था। मैंने तुरंत नाव भेजी और दोनों को बाहर निकाला। तीसरे को जब बचाया तो उसने बड़ी शान से कहा कि कौन सा एहसान कर दिया। दीपक के मुताबिक, युवक की इस बात से श्रद्धालुओं में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने उसकी धुनाई कर दी। इसके बाद तीनों वहां से रफूचक्कर हो गए।
दीपक का बेटा भी डूबते लोगों की बचाता है जान गौरतलब है कि, चक्रतीर्थ घाट पर पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। एक महीने पहले भी दीपक केवट के बेटे ने चार लोगों को डूबने से बचाया था। ओंकारेश्वर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। नर्मदा का तेज बहाव यहां हमेशा खतरा बना रहता है। बावजूद इसके, घाटों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न तो गोताखोर तैनात हैं और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगा है। प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है, जबकि लोगों की जान खतरे में है।