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Lokayukta Raids : नर्मदापुरम में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई में पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जी.पी. मेहरा के ठिकानों से अरबों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. टीम को नर्मदापुरम जिले के ग्राम सैनी में बने 100 एकड़ के लग्जरी फार्महाउस में करोड़ों के संसाधन मिले हैं.
शैलेंद्र कौरव
नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश में लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को एक रिटायर्ड इंजीनियर के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है. नर्मदापुरम से करीब 45 किलोमीटर दूर ग्राम सैनी (सेमरी हरचंद के पास) स्थित फार्महाउस में लोकायुक्त टीम ने जब छापा मारा तो अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए. यह आलीशान फार्महाउस पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर जी.पी. मैहरा का बताया जा रहा है. करीब 100 एकड़ से अधिक भूमि पर बने इस फार्महाउस में रिजॉर्ट जैसी सुविधाएं हैं- लग्जरी कॉटेज, तालाब, फिश फार्मिंग, शहद उत्पादन और एग्रीकल्चर यूनिट तक सबकुछ मौजूद है.
लोकायुक्त टीम को जांच के दौरान 32 निर्माणाधीन कॉटेज और 7 पहले से बने कॉटेज मिले हैं. तालाब के सामने सुंदर बनाए गए हैं. फार्महाउस के भीतर शानदार सड़कों, हरियाली और सजावट से यह एक मिनी रिजॉर्ट जैसा दिखता है. टीम ने पाया कि लग्जरी सुविधाओं से लैस यह प्रॉपर्टी जिले की सबसे महंगी संपत्तियों में से एक है, जिसकी तुलना स्थानीय लोग अब “मालदीव्स थीम वाले रिजॉर्ट” से कर रहे हैं.
17 टन शहद और 6 ट्रैक्टर भी बरामद
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त ने यहां से बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया. टीम को 17 टन शहद, 6 ट्रैक्टर, कृषि के महंगे उपकरण, 2 गौशाला, 2 तालाब, और 2 फिश फार्मिंग यूनिट मिली हैं. इसके अलावा फार्महाउस में प्रॉपर्टी के कई दस्तावेज़ और निवेश से जुड़े कागज भी जब्त किए गए हैं.
नर्मदापुरम की इस प्रापर्टी जैसा रिजार्ट, फार्म हाउस दूर-दूर तक नहीं हो सकता.
लोकायुक्त ने की विस्तृत जांच शुरू
लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्ति का मूल्यांकन जारी है. प्रारंभिक अनुमान में अरबों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अब अनुपातहीन संपत्ति (DA Case) के रूप में आगे बढ़ाई जाएगी.
कांग्रेस सरकार में चीफ इंजीनियर
मध्य प्रदेश के PWD विभाग के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर ओपी मेहरा को लेकर लोकायुक्त की हालिया कार्रवाई ने भयंकर भ्रष्टाचार की तस्वीर सामने रख दी है. ओपी मेहरा शांत और अनुभवी इंजीनियर माने जाते थे, जिन्हें कांग्रेस सरकार ने चीफ इंजीनियर बनाया था. इसके पहले भी उन पर आरोप लगते रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा सहनशील और संयमित बने रहने का प्रयास किया. हालांकि, अब लोकायुक्त की जांच में उनके ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति और फॉर्म हाउस जैसी भव्य सुविधाएं सामने आई हैं. यह साफ संकेत है कि उनके ऊपर वर्षों तक भ्रष्टाचार की मजबूत पकड़ रही, जो प्रशासनिक और राजनीतिक प्रणाली में गंभीर सवाल खड़े करती है.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें