यह तस्वीर है मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जैतपुरा के लक्ष्मनखेड़ी गांव की. यहां 65 वर्षीय लीला बाई का निधन हो गया लेकिन जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा लेकर श्मशान घाट की ओर निकले, तो उनके सामने विकट स्थिति खड़ी हो गई. श्मशान घाट नदी के दूसरी ओर है और वहां तक पहुंचने के लिए कोई पुलिया नहीं है. ग्रामीणों को कमर तक भरे पानी में उतरकर शव को नदी पार करानी पड़ी. यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं. ग्रामीणों ने कहा कि हर साल यही हाल होता है. बरसात में नदी भर जाती है और अंतिम यात्रा इसी तरह निकालना उनकी मजबूरी बन जाती है.