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MP Cough Syrup Death Case: मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप से 29 बच्चों की मौत के बाद जबलपुर में डॉक्टर और दुकानदार सतर्क हैं, शहर में दवा दुकानों के बाहर पोस्टर लगाए जा रहे हैं. जानें…
Jabalpur News: जहरीले कफ सिरप के मामले में मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगभग 29 बच्चों की मौत हो चुकी है. ऐसे में अब डॉक्टर अलर्ट हो गए हैं. वहीं, दुवा दुकानदार भी सतर्क हैं. जबलपुर के मेडिकल स्टोर में अब पोस्टर लगाए जा रहे हैं. जहां बिना डॉक्टर की सलाह दवाई न लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है. इतना ही नहीं, बाजार में प्रतिबंधित सिरप को बिल्कुल न बेचने की हिदायत भी दी जा रही है.
छिंदवाड़ा मामले के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
डॉ. राखी बाजपेई ने लोकल 18 से बताया कि केमिस्ट के पास जो बैच नंबर से दवा आती है, केमिस्ट उसी दवा को बेचते हैं. इसमें केमिस्ट का कोई रोल नहीं होता, जबकि डॉक्टर भी सोच समझ कर दवाइयां लिखते हैं. लेकिन, जो दवाइयां मार्केट में आ रही हैं, उसकी जांच करना सरकार का काम होता है. फिर भी छिंदवाड़ा मामले के बाद अब डॉक्टर्स की जिम्मेदारी बढ़ गई है, जहां अब डॉक्टर को ओर भी ज्यादा सतर्क रहना होगा.
2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं
डॉक्टर ने बताया कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं देना चाहिए, जबकि अफसोस विभाग ने क्लोड्रिफ और नेक्स्ट्रो डीएस सिरप पर प्रतिबंध भी लगा दिया है, जिसकी बिक्री पर भी रोक लगाई गई है. 2 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देना हानिकारक है, जिसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. यदि सिरप को बड़े बच्चों में दिया जा रहा है, तब डोज का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि कितनी मात्रा में और किस समय में पेशेंट को सिरप का डोज दिया जा रहा है.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें