सिवनी जिले के केवलारी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष पटवा को जबलपुर लोकायुक्त ने 16 अक्टूबर की शाम को 75 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई केवलारी थाना परिसर में की गई।
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प्रधान आरक्षक पटवा ने एक एफआईआर दर्ज करने के एवज में आवेदक नितिन पाटकर से रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत की दूसरी किस्त थी; पहली किस्त में वह 25 हजार रुपए पहले ही ले चुका था।
आदेगांव के सिविल ठेकेदार नितिन पाटकर ने 8 अक्टूबर को केवलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पेटी ठेकेदार राय कंस्ट्रक्शन के राहुल राय पर 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी और सीसी सड़क के घटिया निर्माण का आरोप लगाया था।
लोकायुक्त पुलिस की गिरफ्त में आरोपी प्रधान आरक्षक।
शिकायत के अनुसार, प्रधान आरक्षक मनीष पटवा ने राहुल राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदक से कुल 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। नितिन पाटकर ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त में की, जिसकी जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इन धाराओं में केस दर्ज
जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले ने बताया कि आरोपित प्रधान आरक्षक मनीष पटवा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7, 13(1)B, 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई दल में निरीक्षक उमा कुशवाहा, राहुल गजभिए, जितेंद्र यादव, बृजकिशोर नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का बल शामिल था।
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त दल अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस भ्रष्टाचार के मामले में अन्य लोग तो संलिप्त नहीं हैं।