मुरैना शहर के प्रेमनगर में स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए सरकारी स्कूल के चपरासी संजीव शर्मा उर्फ संजू को पकड़ा। आरोपी का सहयोगी दलाल मौके से फरार हो गया। इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की
.
सुपरवाइजर ने दलाल से संपर्क किया। दलाल ने सात हजार रुपए लेकर सोलंकी पेट्रोल पंप पर बुलाया। वहां से वह अपनी स्कूटी पर तीन सौ मीटर दूर ममता कुशवाह के घर ले गया। जब उसने सुपरवाइजर के पेट पर जैल लगाया, तब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संजीव को दबोच लिया।
मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, वायरलेस प्रोब, चार्जर, जेल की बोतल, दो मोबाइल फोन, 7 हजार रुपए और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। यह घटना मुरैना में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण और प्रसव रजिस्ट्रेशन में भारी अंतर से जुड़ी है। जनवरी-फरवरी 2024 में 8171 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से केवल 6902 प्रसव हुए, जबकि 1269 मामले गायब रहे। इसी तरह मार्च-अप्रैल में 8126 रजिस्ट्रेशन में से 6300 प्रसव हुए, जिससे कुल 3095 प्रसव कम पाए गए। यह अंतर भ्रूण हत्या की आशंका को मजबूत करता है।
तुस्सीपुरा में पहले लिंग परीक्षण के दौरान भाग चुके सरकारी स्कूल के भृत्य संजीव शर्मा को शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ पकड़ा। वह पूर्व में भी निलंबित रह चुका था और लगातार अवैध गतिविधियों में शामिल था। जांच में पता चला कि राजस्थान के जयपुर में गिरफ्तार मशीन विक्रेता अमिताभ भादुड़ी के मोबाइल में संजीव का फोटो और नंबर मिला था।
दोनों की मुलाकात कोलकाता में मशीन सौदेबाजी के दौरान हुई थी। अधिकारीयों ने तीन माह की निगरानी के बाद दबिश देकर संजीव को पकड़ा। आरोपी पर पीसीपीएनडीटी एक्ट की धारा 18, 23(1) और 3(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुरैना मप्र के सबसे कम लिंगानुपात जिलों में ग्वालियर सिविल अस्पताल की मेडिसिन विशेषज्ञ और जांच टीम की सदस्य बिंदु सिंघल ने बताया कि मोबाइल और पोर्टेबल मशीन से मिले सबूतों के अनुसार आरोपी ने 50 से अधिक महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण किया है। आरोपी प्रति जांच 7 से 10 हजार रुपए वसूलता था।
यह कार्रवाई ग्वालियर और मुरैना स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने की। मुरैना प्रदेश के सबसे कम लिंगानुपात वाले जिलों में शामिल है। इंडिया सेंसस डॉट नेट के मुताबिक साल 2025 में मुरैना में 1000 लड़कों पर केवल 840 लड़कियां हैं।