MP Success Story: गांव की महिलाओं का कमाल! बकरी के दूध से बना साबुन मचाया धमाल

MP Success Story: गांव की महिलाओं का कमाल! बकरी के दूध से बना साबुन मचाया धमाल


Last Updated:

बकरी के दूध से बना यह साबुन – सौंदर्य का नया मंत्र और गांव की महिलाओं की मेहनत का चमकता प्रतीक बन चुका है।

खंडवा. मध्य प्रदेश के छोटे से गांव जावर की महिलाएं आज मिसाल बन गई हैं. उन्होंने मेहनत, जज्बा और नवाचार से ऐसा काम किया है, जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींच लिया है. ये महिलाएं अब बकरी के दूध से केमिकल-फ्री साबुन बना रही हैं. इससे न सिर्फ उनकी कमाई बढ़ी है, बल्कि लोगों की त्वचा भी सुरक्षित रह रही है. गांव की वंदना बरकने पहले खेतों में मजदूरी करती थीं. रोज मेहनत करतीं, लेकिन आमदनी बहुत कम थी. दो साल पहले उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर जीवन की दिशा बदल दी.

मिशन के प्रशिक्षण में उन्होंने सीखा कि कैसे गांव के संसाधनों से नया रोजगार शुरू किया जा सकता है. वंदना ने 15 साथियों के साथ ‘राधा आजीविका स्व-सहायता समूह’ बनाया. समूह ने बकरी के दूध से साबुन बनाना शुरू किया. शुरू में कई मुश्किलें आईं. गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच जैसी दिक्कतें रहीं. लेकिन इन महिलाओं ने हार नहीं मानी. लगातार कोशिश से उन्होंने एक बेहतरीन उत्पाद तैयार किया.

साबुन पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल-फ्री
बकरी का दूध त्वचा के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है. इसमें विटामिन A, E और लैक्टिक एसिड होता है. यह त्वचा को नमी देता है, झुर्रियां कम करता है और संवेदनशील स्किन वालों के लिए सुरक्षित है. यही वजह है कि यह साबुन पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल-फ्री है. महिलाएं इसमें नारियल तेल, एलोवेरा, हल्दी और गुलाब जल जैसे तत्व मिलाती हैं. इस वजह से इसका असर कोमल और सुगंधित होता है. यह साबुन किसी भी रासायनिक उत्पाद से बेहतर साबित हो रहा है.

साबुन अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर भी
अब यह साबुन भोपाल, इंदौर और आसपास के शहरों तक पहुंच चुका है. लोग इसके नेचुरल असर से प्रभावित हैं. ग्राहक इसे दोबारा ऑर्डर कर रहे हैं. वंदना कहती हैं, “पहले बहुत दिक्कतें थीं, लेकिन अब हमारे काम की पहचान बन चुकी है. जब लोग हमारे साबुन की तारीफ करते हैं, तो मेहनत सार्थक लगती है.” अब समूह इस उत्पाद को बड़े स्तर पर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. महिलाएं ब्रांडिंग और पैकेजिंग पर ध्यान दे रही हैं. जल्द ही यह साबुन अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर भी दिखाई देगा. स्थानीय प्रशासन और आजीविका मिशन इन महिलाओं की हर संभव मदद कर रहे हैं.

आत्मविश्वास और मेहनत से हर बदलाव संभव
जावर गांव की इन महिलाओं ने साबित कर दिया कि आत्मविश्वास और मेहनत से हर बदलाव संभव है. बकरी के दूध से बना यह साबुन न केवल त्वचा के लिए लाभकारी है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण की पहचान बन चुका है. यह कहानी दिखाती है कि गांव की मिट्टी से उठी मेहनत भी चमक सकती है. अब यह साबुन न सिर्फ सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी है.

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homemadhya-pradesh

गांव की महिलाओं ने रचा कमाल! बकरी के दूध से बना साबुन मचा रहा धमाल



Source link