ट्रांसफर अटका हो या संतान की चाहत! बस 5 मंगलवार कर लें ये काम, लखनऊ-झांसी से पहुंचते हैं लोग

ट्रांसफर अटका हो या संतान की चाहत! बस 5 मंगलवार कर लें ये काम, लखनऊ-झांसी से पहुंचते हैं लोग


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सागर के मडखेड़ा धाम में हनुमान जी के दिव्य दरबार की अनोखी परंपरा है. पांच मंगलवार आने से ट्रांसफर से लेकर संतान की हर मनोकामना पूरी होती है.

Sagar News: सागर में हनुमान जी महाराज के अलग-अलग जगह पर कई सिद्ध स्थान हैं, जहां हनुमान जी महाराज के दर्शन करने मात्र से दुख तकलीफ बाधाएं दूर हो जाती हैं. ऐसे ही सागर से करीब 40 किलोमीटर दूर मीरखेड़ी में श्री मडखेड़ा धाम है. यहां हनुमान जी महाराज विराजमान हैं और यहां पर पांच मंगलवार आने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. खासकर ट्रांसफर की अर्जी लगाने वाली. इसके अलावा यहां गोद भराई की कामना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है.

मंगलवार को सुबह 11:00 से दोपहर के 3:00 बजे तक यहां पर दिव्या दरबार भी लगता है, जिसमें मंदिर के पुजारी बिना परिचय लिखा ही श्रद्धालु के मन की बात और समस्या को बता देते हैं. दरअसल जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं तो इन्हें मंदिर की 7 परिक्रमा करनी पड़ती हैं. परिक्रमा के दौरान जो भी मनोकामना लेकर आए हैं वह हनुमान जी से प्रार्थना के रूप में मन ही मन कहनी पड़ती है. जो समस्या होती है, प्रश्न होते हैं सवाल होते हैं वह सब परिक्रमा के दौरान हनुमान जी से कह देते हैं. फिर जब दिव्या दरबार में लोग पहुंचते हैं तो उनकी वही बात गुरु जी के द्वारा उन्हें बताई जाती है, लेकिन उसके साथ में समाधान भी दे देते हैं.

ट्रांसफर के लिए परेशान लोग पहुंचते हैं यहां
श्री मडखेड़ा धाम मैं सागर के अलावा विदिशा, रायसेन, भोपाल, ललितपुर, लखनऊ, झांसी जैसे लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं. मंदिर के पुजारी पवन पराशर का कहना है कि जो लोग ट्रांसफर के लिए परेशान होते हैं ट्रांसफर नहीं हो रहा है तो वे मंदिर में आकर अगर पांच पेशी करें तो हनुमान जी की कृपा उन पर हो जाती है .

5 साल से चल रहा दिव्य दरबार
दरअसल यह क्षेत्र मोनी बाबा के लिए प्रसिद्ध है. बताया जाता है कि डेढ़ सौ साल पहले कहीं से मोनी बाबा आए थे. जिन्होंने हनुमान जी की स्थापना की थी. वह हनुमान जी की सेवा करते रहते थे और जब उनका निधन हुआ तो हनुमान जी के सामने उनकी समाधि बना दी गई थी. उस समय पाराशर परिवार के लोग मोनी बाबा और मंदिर की सेवा करते थे और अब तीसरी पीढ़ी भी यही काम कर रही है. यहां पिछले 5 साल से यह दिव्य दरबार चल रहे हैं.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

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