Satna News: तालाबों में बढी हलचल…फसल की कटाई में जुटे किसान, प्रोसिसिंग यूनिट ने बदली किस्मत!

Satna News: तालाबों में बढी हलचल…फसल की कटाई में जुटे किसान, प्रोसिसिंग यूनिट ने बदली किस्मत!


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Singhara Processing Unit: सतना में सिंघाड़े की खेती अब सिर्फ़ फसल तक सीमित नहीं रही. किसान प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर आटा, मिठाई और स्नैक्स बनाकर लाखों कमा रहे हैं. सरकार PMFME योजना के तहत 35% तक सब्सिडी दे रही है.

शिवांक द्विवेदी, सतना : सिंघाड़े का सीजन शुरू होते ही तालाबों में हलचल बढ़ जाती है. किसान फसल की कटाई में जुट जाते हैं और बाज़ारों में सिंघाड़े की रौनक नज़र आने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिंघाड़े की खेती से अब सिर्फ़ खेती तक सीमित मुनाफा नहीं रह गया है? अगर किसान थोड़ा सा आगे सोचें और सिंघाड़े की प्रोसेसिंग यूनिट लगाएं तो यही फल उन्हें लाखों का फायदा दे सकता है. दरअसल सिंघाड़े को आटे, मिठाइयों, स्नैक्स और हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स के रूप में बदलकर बाजार में बेचना अब एक बढ़िया व्यापारिक विकल्प बन चुका है.

पारंपरिक खेती से आगे बढ़ें, करें आधुनिक प्रोसेसिंग की शुरुआत
बरसात की शुरुआत में बोया गया सिंघाड़ा अक्टूबर से दिसंबर तक पूरी तरह पककर तैयार हो जाता है. पहले किसान इसे सीधे बेच देते थे या सुखाकर आटा बना लेते थे लेकिन यह तरीका अब पुराना और कम मुनाफ़े वाला हो गया है. मेहनत ज़्यादा और कमाई कम, ऐसे में प्रोसेसिंग यूनिट किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है.

लोकल 18 से बातचीत में आरएचईओ मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि सिंघाड़े से आटा, नूडल्स, मिठाइयाँ, बर्फी, इमरती, जलेबी, सूखे सिंघाड़े के स्नैक्स जैसे कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं. इनमें फाइबर, कैल्शियम, विटामिन बी और लगभग 20% प्रोटीन होता है जो इसे हेल्दी और मार्केट में डिमांड वाला बना देता है.

सरकार भी दे रही है मदद, उठाइए पीएमएफएमई योजना का लाभ
किसान अगर सिंघाड़ा प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहते हैं तो वे प्रधानमंत्री माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज (PMFME) योजना का लाभ ले सकते हैं. इस योजना के तहत 35% तक की सब्सिडी दी जाती है जिससे यूनिट की लागत काफी हद तक कम हो जाती है.

इसके लिए आपको सिंघाड़ा छीलने, धोने और सुखाने की मशीनें लगानी होंगी. छोटे स्तर पर शुरुआत करनी है तो 5 से 10 लाख रुपये में अच्छा कारोबार शुरू किया जा सकता है. जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, किसान अपनी यूनिट को बढ़ाकर खुद का ब्रांड भी बना सकते हैं.

shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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सिंघाड़े से कमाइए लाखों! सतना के किसान बदल रहे हैं फसल को बिज़नेस में



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