ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने केयर हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड को स्वास्थ्य बीमा सेवा में लापरवाही का दोषी माना है। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 49,409 रुपए 45 दिनों के भीतर लौटाए।
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दरअसल, आदर्श कॉलोनी निवासी सुरेंद्र सिंह ने केयर हेल्थ इंश्योरेंस से एक पॉलिसी ली थी। सितंबर 2022 में उनकी पत्नी बीमार हो गईं, जिसके बाद उन्हें 19 से 24 सितंबर तक एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज में कुल 49,409 रुपए खर्च हुए।
इलाज के बाद सुरेंद्र सिंह ने बीमा कंपनी से क्लेम मांगा, लेकिन कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी, इलाज घर पर भी हो सकता था।
आयोग ने कंपनी की गलती मानी
शिकायत के बाद मामला जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा। सुनवाई में आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने बिना किसी डॉक्टर की राय या मेडिकल कारण के क्लेम खारिज किया। अस्पताल के रिकॉर्ड और डॉक्टर की रिपोर्ट से साफ था कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसे अस्पताल में भर्ती करना जरूरी था।
आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी की यह हरकत सेवा में कमी और गलत व्यापार तरीका है।
आदेश में क्या कहा गया?
आयोग ने बीमा कंपनी को न केवल 49,409 रुपए लौटाने को कहा है, बल्कि उपभोक्ता को मानसिक और शारीरिक परेशानी के लिए 1,000 रुपए और मुकदमे के खर्च के लिए भी 1,000 रुपए देने का आदेश दिया है।
अगर कंपनी 45 दिनों में रकम नहीं चुकाती, तो उसे इस पर 6% सालाना ब्याज भी देना होगा।