सावधान किसान भाइयों! मिट्टी-पानी से फैल रही ये खतरनाक बीमारी, जानिए लक्षण और बचाव

सावधान किसान भाइयों! मिट्टी-पानी से फैल रही ये खतरनाक बीमारी, जानिए लक्षण और बचाव


Last Updated:

Melioidosis Infection India: मिट्टी और पानी से फैलने वाली मेलियोइडोसिस बीमारी किसानों के लिए गंभीर खतरा बन रही है. बालाघाट CMHO डॉ. परेश उपलव ने एडवाइजरी जारी की है.

Balaghat News: किसान की जिंदगी काफी संघर्षशील है. बारिश हो, सर्दी हो या फिर गर्मी की कड़ी धूप हर मौसम में उन्हें खेतों में काम करना पड़ता है. ऐसे में मौसम का असर सिर्फ फसलों पर नहीं पड़ता. ये असर किसानों पर भी पड़ता है. ऐसे में उनकी हेल्थ काफी प्रभावित हो जाती है. ऐसे में किसान भाई भी अपनी फसल पर ध्यान देते हैं, लेकिन इस बीच अपनी तकलीफों को भी भूल जाते हैं. अब बालाघाट सीएमएचओ डॉक्टर परेश उपलव ने किसानों के लिए एक गाइडलाइन जारी की है. ऐसे किसान भाइयों को ये बात जरूर जाननी चाहिए

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर परेश उपलव ने एक एडवायजरी जारी की है. इसके मुताबिक, मिट्टी और पानी में एक तरह संक्रमक जीवाणु होता है, जिससे किसान भाइयों को इन्फेक्शन हो सकता है. इस बीमारी को मेलियोइडोसिस एक गंभीर संक्रामक रोग हैं, जो जीवाणु से होता हैं .यह मनुष्यों और जानवरों को प्रभावित करता है, खासकर उन लोगों को जिनमें मधुमेह, गुर्दे की बीमारी या कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी पुरानी बीमारियां हों. संक्रमण मिट्टी या दूषित पानी के सीधे संपर्क, सांस के ज़रिए या निगलने से हो सकता है. इसके लक्षणों में बुखार, खांसी से लेकर गंभीर निमोनिया, फोड़े और सेप्सिस शामिल हैं.

बालाघाट में भी इस रोग का खतरा बढ़ा
सीएमएचओ डॉ. उपलप ने बताया कि एम्स भोपाल के एक अध्ययन में यह पाया गया है कि धान का रकबा बढ़नें और खेतों में संक्रमित मिट्टी तथा पानी के स्रोत अधिक होने से प्रदेश में धान के खेतों में काम करने वाले लोग मेलियोइडोसिस से संक्रमित होना पाया गया है.

बेहद खतरनाक है ये रोग
2016 में द लैंसेट के एक अध्ययन के मुताबिक दुनिया भर में लगभग 1,65,000 लोग हर साल मेलियोइडोसिस से संक्रमित होते हैं. मेलियोइडोसिस के दुनिया भर के मामले में भारत सहित दक्षिण एशिया का हिस्सा 44 प्रतिशत है. इसके संक्रमण के घातक मामलों में मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक होने की आशंका होती है.

किसान भाई इन बातों का रखों ध्यान
सीएमएचओं डॉ. उपलप ने इसके बचाव पर परामर्श देते हुए बताया कि खेतों में कार्य करते समय रबर के जूते एवं दस्ताने जरूर पहने, केवल उबला या क्लोरीनयुक्त सुरक्षित पानी पीएं, घाव ढंकें, गंदे पानी से संपर्क न करें. लगातार बुखार, फेफडे़ का संक्रमण या फोडे़-फुंसी होने पर तुरंत डाक्टर से मिले. उच्च जोखिम वाले मधुमेह, गुर्दे, फेफड़े के रोगी विशेष सावधानी बरतें.

Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें

homeagriculture

सावधान किसान भाइयों! मिट्टी-पानी से फैल रही ये खतरनाक बीमारी, जानिए लक्षण



Source link