दीपावली पर पटाखों में इस्तेमाल होने वाली कार्बाइड गन से आंखों के प्रभावित होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला धार शहर से सामने आया है। गन का उपयोग करते समय एक युवक की आंखों में अचानक तेज दर्द होने लगा। युवक ने तुरंत ही डॉक्टर स
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धार जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. सौरभ बौरासी ने युवक का प्राथमिक उपचार शुरू किया। उन्होंने आंखों के पास से कार्बाइड के कणों को सावधानीपूर्वक साफ किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद युवक को थोड़ी राहत मिली। डॉ. बौरासी की निगरानी में करीब तीन दिनों तक दवाई लेने के बाद अब युवक पूरी तरह से स्वस्थ है।
जानकारी के अनुसार शहर की तिरुपति नगर कॉलोनी में रहने वाला युवक हर्ष खटोड उम्र 22 वर्ष घर के बाहर ही काबाईड गन का उपयोग करते हुए फटाखे फोड रहा था। युवक के अनुसार पहला शर्ट मारने के तुरंत बाद दूसरा शर्ट गन से नहीं चला था, गन को देखने के दौरान ही लाईटर चला हुआ व आंखों में अचानक दर्द शुरु हुआ।
कुछ देर में ही हर्ष को दिखना तक बंद हो गया था। अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर बौरासी से हर्ष ने सीधे संपर्क किया था। डॉक्टर बौरासी के अनुसार युवक की आंखों के पास गन शर्ट के कण थे, जिसे सावाधानी पूर्वक साफ किया गया, इसके बाद युवक को थोडा-थोडा दिखना शुरु हुआ था।
युवक सबसे पहले 19 अक्टूंबर को संपर्क में आया था, पिछले तीन दिनों से युवक प्रतिदिन चैकअप के लिए आ रहा था, अब हर्ष पूरी तरह से स्वस्थ है।
गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप और कैल्शियम कार्बाइड से बनी यह गन पानी से मिलते ही एसिटिलीन गैस बनाती है। चिंगारी लगते ही तेज विस्फोट होता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह खिलौना नहीं, छोटा बम है। यह केवल आंखों के लिए ही नहीं, बल्कि दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए भी घातक है।
बार-बार विस्फोट से स्थायी कॉर्निया अल्सर, रेटिना को चोट पहुंच सकती है। टूटे पाइप के छोटे-छोटे टुकड़े शरीर में घुसकर गंभीर चोट करते हैं।