बेतमा
बेतमा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 171 दर्ज हुआ है, जो “अनहेल्दी” श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि यह हवा सामान्य लोगों के लिए भी हानिकारक है, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को इससे ज्यादा परेशानी हो सकती है.
भोपाल
राजधानी भोपाल की हवा का स्तर भी ठीक नहीं है. यहां का AQI 162 रहा, जो “अनहेल्दी” श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में दिवाली की रात पटाखों से फैला धुआं अब भी वातावरण में मौजूद है. इस कारण सुबह और रात के समय धुंध छाई रहती है.
बुरहानपुर
बुरहानपुर में भी प्रदूषण का स्तर बढ़कर 160 तक पहुंच गया है. यहां वाहन, उद्योग और पटाखों का धुआं मिलकर वायु गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं. लोगों को खांसी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी शिकायतें हो रही हैं.
दमोह
दमोह की हवा “पुअर” (Poor) श्रेणी में दर्ज की गई है.हां का AQI 142 रहा, जो बताता है कि हवा में प्रदूषक तत्व सामान्य से काफी ज्यादा हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सुबह की सैर या दौड़ से बचने की सलाह दी है.
देवास
देवास इस समय सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में से एक है. यहां का AQI 174 दर्ज हुआ, जो “अनहेल्दी” श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों का कहना है कि खुले में कचरा जलाना और पटाखों का धुआं यहां की हवा को और खराब कर रहा है.
ग्वालियर
ग्वालियर में भी हालात चिंताजनक हैं और यहां का AQI 162 रहा. लोगों को सांस लेने में तकलीफ और धुंध का असर साफ नजर आ रहा है.
इंदौर
इंदौर की हवा का स्तर भी “अनहेल्दी” पाया गया है. यहां का AQI 157 रहा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और मास्क का इस्तेमाल करें.
जबलपुर
जबलपुर की स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन यहां भी हवा “पुअर” श्रेणी में है. AQI 105 दर्ज किया गया है. यह सामान्य लोगों के लिए तो ठीक है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतनी चाहिए.
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश के कई शहरों में दिवाली के बाद हवा जहरीली हो गई है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को धूल और धुएं से बचने, ज्यादा पानी पीने और घरों में पौधे लगाने की सलाह दी है.