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Nauradehi Sanctuary: वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व अब चीतों का भी हब बनने जा रहा है, क्योंकि एमपी में चीतों का तीसरा ठिकाना नौरादेही बनने जा रहा है. चीतों की बसाहट से पहले होने वाली तैयारी के लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने चार करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं. आइए जान लेते हैं पूरी डिटेल.
Nauradehi Sanctuary For Cheetah: सागर और दमोह जिले की सीमाओं में फैला वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व अब चीतों का भी हब बनने जा रहा है, क्योंकि एमपी में चीतों का तीसरा ठिकाना नौरादेही बनने जा रहा है. चीतों की बसाहट से पहले होने वाली तैयारी के लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने चार करोड़ रुपए जारी कर दिए है. जल्द ही प्रबंधन को 3 करोड़ की राशि और दी जाएगी. एनटीसीए ने सेंट्रल कैंपा फंड से यह राशि दी है. वही, इसमें खास बात यह है कि चीते मध्य प्रदेश की शान पहचान बने रहेंगे, क्योंकि अब इन्हें गुजरात या राजस्थान नहीं भेजा जाएगा. साल 2026 में ही यहां पर दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से चीता लाने की संभावना जताई जा रही है.
NTCA द्वारा जारी की गई राशि से नौरादेही में 4 क्वारेंटाइन बोमा और 1 सॉफ्ट रिलीज बोमा बनाए जाएंगे. नौरादेही की तीन रेंज जिसमें सिंघपुर, मोहली और झापन रेंज को चीतों के लिए सबसे सही माना गया है. एनटीसीए की टीम जल्द इन क्षेत्रों का दोबारा दौरा करेगी.
फंड जारी होने के बाद यहां फेंसिंग से लेकर अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की जो जरूरत है उनकी तैयारी शुरू कर दी जाएगी, यहां चीतों को दौड़ने के लिए बड़े-बड़े घास के मैदान है यहां जल स्रोत भी तैयार किए जाएंगे.
15 साल पहले किया था सर्वे
टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर ए ए अंसारी ने बताया की 15 साल पहले साल 2010 में चीता लाने के लिए यहां पर सर्वे किया गया था, और इसके लिए काफी अनुकूल परिस्थितियों होने के चलते चिन्हित किया गया था, अब 2026 तक यहां चीता आने की संभावना है. यह 2339 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है. अब यहीं चीते भी बसाए जाएंगे. जब भी चीते को लाया जाता है तो उन्हें 30 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन बोमा में रखा जाता है, इसलिए सबसे पहले बोमा को तैयार किया जाएगा.
क्षेत्रफल की दृष्टि से यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है और इस वजह से यहां पर टाइगर और चीता में टकराव की संभावना भी नहीं बनेगी. चीता छोटे से शिकार करते हैं और बाघ बड़े शिकार करते हैं.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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