माफ करना रोहित शर्मा! टीम के लिए नहीं करियर बचाने के लिए था एडिलेड में फिफ्टी

माफ करना रोहित शर्मा! टीम के लिए नहीं करियर बचाने के लिए था एडिलेड में फिफ्टी


नई दिल्ली: रोहित शर्मा, एक ऐसा नाम जिसे क्रिकेट वर्ल्ड में हिटमैन कहा जाता है. वनडे में तीन दोहरा शतक, 11 हजार से ज्यादा रन और लगभग का 50 का औसत. इस तरह के आंकड़े वाले खिलाड़ी को भला कौन सी टीम होगी जो अपने पास नहीं रखना चाहेगी, लेकिन अब वक्त और हालात बदल गए है. गेंदबाजों के लिए कभी खौफ का दूसरा नाम रहे रोहित शर्मा आज टीम में बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. रोहित इस समय पर भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज में खेल रहे हैं, लेकिन इस सीरीज के बाद वह फिर दोबारा भारतीय टीम के साथ दिखेंगे या नहीं ये कहना मुश्किल है.

इस सीरीज में रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर नजर डाले तो पर्थ में खेले गए पहले वनडे मैच में उन्होंने सिर्फ 8 रन बनाए थे, लेकिन एडिलेड में वनडे में रोहित ने 73 रन बनाए. नंबर्स के हिसाब से ये ठीक है कि रोहित अपना शतक पूरा कर सकते थे, लेकिन असल में सच्चाई ये है कि रोहित ने ये अर्धशतकीय पारी टीम के लिए नहीं, अपने करियर को बचाने के लिए खेली. रोहित के बैटिंग अप्रोच से ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि वह टीम को बड़े स्कोर तक ले जाने की कोशिश है. एडिलेड में रोहित शर्मा ने 74 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की. वनडे करियर में रोहित की ये शायद सबसे स्लो फिफ्टी भी है. ऐसा नहीं है कि रोहित की फिफ्टी टीम के काम नहीं आई. उनकी फिफ्टी से भारतीय टीम मैच में एक सम्मानजक स्कोर बनाने में सफल रही.

रोहित के दबाव में शुभमन हुए आउट?

भारतीय टीम ने एडिलेड में 9 विकेट पर 264 रन बनाए थे. टीम इंडिया को टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला था. मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड की गेंदबाजी के सामने रोहित बुरी तरह से परेशान थे. इसी वजह से शुरुआत के दो ओवर में टीम का स्कोर सिर्फ 1 रन था. ऐसे में कप्तान शुभमन गिल ने दबाव को कम करने के लिए खुद के हाथ में चार्ज लिया और इस चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे. क्योंकि रोहित शर्मा गेंद और बैट का संपर्क तक नहीं कर पा रहे थे.

एक तो रन नहीं बन रहे थे, दूसरी तरफ शुभमन के बाद विराट कोहली 4 गेंद में बिना खाता खोले आउट हो गए. स्कोर 17 रन पर 2 विकेट हो गया. इसके बाद रोहित शर्मा ने जैसे-तैसे खुद को संभाला और अपनी पारी बिल्डअप की. इस दौरान घरेलू क्रिकेट में एक साथ खेलने वाले श्रेयस का उन्हें अच्छा साथ मिला. दोनों ने मिलकर स्कोर को 100 रन के पार तो पहुंचाया. इसके बाद मिडिल ऑर्डर में केएल राहुल, अक्षर पेटल, वाशिंगटन सुंदर और नीतीश रेड्डी की जिम्मेदारी थी कि वह टीम को मुश्किल से निकाले, लेकिन उन्होंने हथियार डाल दिए. इस वजह से टीम 300 रन के स्कोर तक नहीं पहुंच पाई और रोहित की फिफ्टी के बावजूद टीम हारी.

क्या ऐसे खेलेंगे रोहित 2027 विश्व कप

आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की खूब चर्चा हो रही है. ये जायज भी है, क्योंकि रोहित फिटनेस और उम्र के उस पड़ाव में हैं जहां उनका फॉर्म भी साथ नहीं दे रहा है. रोहित ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आने से पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि वह आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 में खेलना चाहते हैं, लेकिन सवाल ये है कि अगर आप 74 गेंद में फिफ्टी लगाएंगे, साउथ अफ्रीका की तेज पिचों पर संघर्ष करेंगे तो कब तक यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी को टीम मैनेजमेंट बाहर बिठा कर रखेगी.

ऐसे में रोहित के लिए अच्छा ये होगा कि या तो वो ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद रिटायरमेंट ले लें, नहीं तो उन्हें अपने पुराने हिटमैन वाला अंदाज दिखाना ही होगा, जो गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाया करते थे. ऐसा भी नहीं है कि रोहित शर्मा में अभी क्रिकेट नहीं बची है, लेकिन उन्हें खुद भी समझना होगा कि ऐसी करियर सेविंग फिफ्टी से, ज्यादा समय तक वह टीम इंडिया में नहीं टिक पाएंगे.



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