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Public Opinion Virat Kohali Retirement: ऑस्ट्रेलिया ने घरेलू मैदान पर भारत को वन-डे सीरीज के दो मैचों में हराया. जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव की गैरमौजूदगी से टीम इंडिया कमजोर रही. विराट कोहली पर दबाव रहा. ये कहना है क्रिकेट के प्रशंसकों का. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कहा…
पाली. ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर भारत और ऑस्ट्रेलिया टीम के बीच हुए तीन मैचों की वन-डे सीरीज में टीम इंडिया को शुरुआती दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. दोनों ही मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने एकतरफा जीत दर्ज की. भारत की टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर पाई. लोकल-18 की टीम ने पूर्व आईपीएल खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों से बातचीत की तो अधिकांश ने माना कि ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मैदान पर खेलना उनके लिए बड़ा फायदा था. टीम इंडिया ने अच्छा खेलने की कोशिश की, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाई. इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव को टीम से बाहर रखना भी हार का एक कारण माना गया, क्योंकि उनकी मौजूदगी से मैच की तस्वीर बदल सकती थी.
अरिष्ठ सिंघवी ने कहा कि विराट कोहली ने पिछले दस वर्षों में भारत के लिए जितने मैच जिताए हैं, उतने किसी और खिलाड़ी ने नहीं. उनका बल्लेबाजी औसत 56-57 और 52 शतक हैं, जो उन्हें वन-डे क्रिकेट का किंग बनाते हैं. हालांकि दो मैच खराब रहे, यह क्रिकेट का हिस्सा है. वर्तमान में वह केवल वन-डे फॉर्मेट खेल रहे हैं, इसलिए उन पर प्रेशर ज्यादा है. जसप्रीत बुमराह को बड़े आईसीसी इवेंट के लिए रिजर्व रखा गया है, यही कारण है कि उन्हें सीरीज में नहीं खेलाया गया.
बुमराह और कुलदीप की गैरमौजूदगी का असर
क्रिकेट प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि पुराने खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने की कोशिश की गई है. विराट कोहली अच्छे फॉर्म में थे, लेकिन टीम पर अतिरिक्त प्रेशर था, जिससे प्रदर्शन प्रभावित हुआ. कुलदीप यादव और बुमराह की गैरमौजूदगी ने टीम की गेंदबाजी क्षमता को कमजोर किया. बुमराह के फैंस का कहना है कि वह होते तो अकेले तीन से चार विकेट आसानी से ले सकते थे और मैच की तस्वीर बदल सकती थी. इस वजह से टीम इंडिया अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई.
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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