ग्वालियर में नवविवाहिता ने की आत्महत्या,पति समेत चार पर FIR: परिजन का आरोप- ₹5 लाख और कार नहीं मिलने पर जानवरों की तरह पीटते थे – Gwalior News

ग्वालियर में नवविवाहिता ने की आत्महत्या,पति समेत चार पर FIR:  परिजन का आरोप- ₹5 लाख और कार नहीं मिलने पर जानवरों की तरह पीटते थे – Gwalior News



ग्वालियर में शादी के कुछ साल बाद ही नवविवाहिता द्वारा फांसी लगाकर जान देने के मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद पति, सास, जेठ, देवर समेत चार लोगों पर दहेज के लिए पीटने और खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जांच में नवविव

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पति और सास पांच लाख रुपए और कार नहीं लाने पर जानवरों की तरह पीटते थे। महिला के सिर में चोट के दो गंभीर निशान थे, जो मौत से कुछ मिनट पहले के बताए जा रहे हैं। सीएसपी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद हजीरा पुलिस ने ससुराल वालों के खिलाफ मारपीट करने, दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है।

ग्वालियर निवासी 29 साल की कल्पना पुत्री धर्मवीर सिंह भदौरिया की शादी तीन साल पहले ही न्यू कॉलोनी नम्बर 2 कांच मिल हजीरा में रहने वाले पुष्पेन्द्र सिंह सिकरवार के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही कल्पना का पति पुष्पेन्द्र, सास सगुना देवी, जेठ राजू और देवर कृष्णा सिकरवार उससे कम दहेज लाने की बात पर प्रताड़ित करने लगे थे। कल्पना से कहा जाता था कि वह अपने मायके से 5 लाख रुपए और कार लेकर आए।

इसी बात पर आए दिन उसे पीटा जाता था। 6 अक्टूबर की रात को कल्पना अपने कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी लगा ली। 7 अक्टूबर की सुबह जब रूम नहीं खुला तो कल्पना के पति पुष्पेन्द्र DIAL 112 को कॉल किया। पुलिस ने धक्का देकर कुंडी तोड़ी तो अंदर कल्पना ने साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू की थी। मृतका नवविवाहिता थी, इसलिए मामले की जांच सीएसपी द्वारा की गई है।

पति ने सुनाई यह कहानी

कल्पना के पति पुष्पेंद्र ने बताया कि 6 अक्टूबर को जब मैंने कल्पना से खाना बनाने को कहा, तो उसने कहा- “मुझसे खाना नहीं बन रहा, आप खुद बना लो और खा लो। अपने पति और सास से खुद खाना बनाने की बात कहते हुए अपने कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी लगा ली।

पुष्पेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर अपने कमरे में बंद हो जाती थी और घंटों दरवाजा नहीं खोलती थी। हमने सोचा कि सुबह तक उसका गुस्सा शांत हो जाएगा। लेकिन 7 अक्टूबर की सुबह जब कल्पना ने दरवाजा नहीं खोला, तो पुष्पेंद्र और अन्य परिजन ने उसे आवाज दी। जब दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने DIAL 112 को सूचना दी। पुलिस के आने पर कुंडी तोड़ी गई। जब अंदर पहुंचे तो देखा कि कल्पना सिकरवार ने साड़ी से फांसी का फंदा बनाकर पंखे से झूल रही थी और उसकी मौत हो गई थी।

पीएम रिपोर्ट में हुई मारपीट की पुष्टि

कल्पना की मौत के बाद उसके पिता धर्मवीर सिंह भदौरिया और भाई विकास प्रताप सिंह ने आरोप लगाया था कि कार और पांच लाख रुपए के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था और जानवरों की तरह पीटा जाता था।

पुलिस ने जांच प्रारंभ की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब हाथ में आई तो पता चला कि कल्पना के माथे पर दाहिने तरफ चोट का निशान था, जबकि दाहिनी आंख के ऊपर चोट थी, जो मौत से कुछ मिनट पहले लगी थी। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मृतका कल्पना के पति पुष्पेन्द्र, सास सगुना देवी, जेठ राजू और देवर कृष्णा सिकरवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला कायम कर लिया है।



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