रानी कमलापति स्टेशन से रीवा के बीच चलने वाली दो ट्रेनों की रफ्तार में जमीन-आसमान का फर्क देखने को मिल रहा है।
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रोजाना रात 10 बजे चलने वाली ट्रेन नंबर 12185 रेवांचल एक्सप्रेस अपने तय समय यानी अगले दिन सुबह 8 बजे रीवा पहुंच जाती है। कई बार तो यह 10 से 15 मिनट पहले ही पहुंच जाती है।
वहीं इसके सिर्फ 15 मिनट बाद यानी रात 10:15 बजे चलने वाली ट्रेन नंबर 02191 रीवा स्पेशल सुपरफास्ट एक्सप्रेस अक्सर घंटों की देरी से पहुंच रही है। इस ट्रेन का शेड्यूल समय हर शनिवार रात 10:15 बजे रानी कमलापति स्टेशन से रवाना होने का है और अगले दिन सुबह 7:20 बजे रीवा पहुंचने का तय समय है। लेकिन पिछले एक महीने के आंकड़े बताते हैं कि यह ट्रेन कई बार 10 से 12 घंटे तक की देरी से रीवा पहुंची है।
डब्ल्यूसीआर के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने बताया
हम ट्रेनों के समय पालन का पूरा ध्यान रखते हैं। कई बार ऑपरेशनल इश्यूज के चलते ऐसा होने की संभावना बनती है। हमारी पूरी कोशिश है कि सभी स्पेशल ट्रेन समय पर चलें

15 मिनट पहले चलने वाली ट्रेन समय पर, फिर भी सुपरफास्ट क्यों स्लो? इसी रूट पर रोजाना चलने वाली ट्रेन नंबर 12185 रेवांचल एक्सप्रेस रात 10 बजे रानी कमलापति से रवाना होती है और अगले दिन सुबह 8 बजे रीवा पहुंच जाती है। यह ट्रेन अधिकतर दिन समय पर या 10-15 मिनट पहले रीवा पहुंचती है।
हमने रेवांचल एक्सप्रेस का जिक्र सिर्फ तुलना के लिए किया है, ताकि यह समझा जा सके कि जब समान रूट और दूरी में रोजाना चलने वाली ट्रेन समय पर पहुंच रही है, तो सप्ताह में एक बार चलने वाली “सुपरफास्ट” एक्सप्रेस इतनी देरी से क्यों?

रेवांचल एक्सप्रेस हमेशा इसी रूप पर चलती है समय से।
रेवांचल के ज्यादा स्टॉप, फिर भी समय पर रेवांचल एक्सप्रेस के भोपाल, विदिशा, गंज बासौदा, मंडी बामोरा, बीना, खुरई, सागर, पथरिया, दमोह, कटनी मुड़वारा, अमदरा, मैहर, उंचेहरा, सतना और रीवा में स्टॉप हैं। वहीं, रीवा स्पेशल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्टॉप इससे कम हैं, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर, सतना और रीवा। कम ठहराव होने के बावजूद रीवा स्पेशल लगातार लेट होना यात्रियों और विशेषज्ञों दोनों को चौंका रहा है।
पिछले 4 शेड्यूल में औसतन 9 से 12 घंटे की देरी
- 18 अक्टूबर: शेड्यूल ट्रेन अगले दिन 10 घंटे 48 मिनट की देरी से रीवा पहुंची।
- 11 अक्टूबर: ट्रेन 10 घंटे 27 मिनट देरी से पहुंची।
- 4 अक्टूबर: ट्रेन 12 घंटे 48 मिनट देरी से पहुंची।
- 27 सितंबर: ट्रेन 4 घंटे 37 मिनट लेट रही। यानी ‘सुपरफास्ट’ नाम के बावजूद ट्रेन की औसत देरी 9 से 10 घंटे के बीच रही।

ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं।