उज्जैन में पाड़ों की खूनी भिड़ंत, डॉन-बलबीर की डाइट सुन उड़ जाएंगे होश

उज्जैन में पाड़ों की खूनी भिड़ंत, डॉन-बलबीर की डाइट सुन उड़ जाएंगे होश


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Ujjain News: धार्मिक नगरी उज्जैन में दिवाली के बाद ऐसी परम्परा देखने को मिलती है. जिससे हर किसी की रूह कांप जाती है. फिर भी हजारों की संख्या में लोग इसे देखने पहुंचते हैं. आखिर ऐसा क्यों?

शुभम मरमट
उज्जैन. मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र अपनी अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है. ऐसी ही एक सदियों पुरानी और हैरतअंगेज परंपरा दीपावली के बाद उज्जैन में देखने को मिलती है- यह है पाड़ों (नर भैंसों) की लड़ाई का महादंगल. दीपावली के अगले दिन पड़वा से शुरू होकर यह आयोजन अब भाई दूज की सीमा पार कर लगभग एक महीने तक चलता है. जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग खाली मैदानों में अपने पाड़ों को लड़ाने के लिए हजारों की भीड़ के साथ जुटते हैं.

पहले ये मुकाबले पड़वा से भाई दूज तक ही आयोजित होते थे, लेकिन अब लोगों के बढ़ते शौक और उत्साह के चलते यह आयोजन एक हफ्ते से लेकर एक महीने तक चलने लगा है. रोशन यादव ने बताया कि इस बार करीब 50 पाड़ों के जोड़े मैदान में उतरने की उम्मीद है. हालांकि, खुले मैदान में हजारों की भीड़ के बीच होने वाले ये दंगल कई बार खतरनाक साबित होते हैं, जहाँ दर्शकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है, फिर भी लोग इसे देखने के लिए उत्सुकता से पहुंचते हैं.

लाखों का खर्च और विशेष तैयारी
आयोजक रोशन यादव ने लोकल 18 को बताया कि यह केवल एक मुकाबला नहीं, बल्कि शौक और प्रतिष्ठा का विषय है, जिस पर मालिक लाखों रुपये खर्च करते हैं. पाड़ों को मैदान में उतारने से पहले दो महीने की विशेष तैयारी चलती है. इनकी डाइट किसी एथलीट से कम नहीं होती.

डाइट: पाड़ों को रोज़ाना 25 किलो देसी घी, 20 लीटर दूध, देसी अंडे और काजू-बादाम जैसे पौष्टिक आहार दिए जाते हैं.
मालिश: उन्हें ताकतवर बनाने के लिए रोजाना सरसों के तेल से मालिश भी की जाती है. यह खर्च और देखभाल यह सुनिश्चित करती है कि दंगल में उनका दम और ताकत चरम पर रहे.

‘डॉन’ ने तोड़ा ‘बलबीर’ का सींग
इस वर्ष भूखी माता मंदिर क्षेत्र में आयोजित हुए मुकाबले में शहरी और ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. मैदान में पाड़ों को बड़ी साज-सज्जा के साथ ढोल और बैंड की धुन पर लाया जाता है. इस साल लगभग आठ जोड़े मैदान में उतरे, जिनके नाम किसी महाबली से कम नहीं थे: शंकर-भीमा, जॉनी-बाबा, चौधरी-गेंदिया, और सबसे चर्चित डॉन और बलवीर की जोड़ी. डॉन और बलवीर की लड़ाई सबसे हैरतअंगेज रही. यह मुकाबला इतना खतरनाक था कि डॉन ने बलबीर का सींग तोड़ दिया. वहीं, लालपुर क्षेत्र के दंगल में शिव और जीत के बीच तथा शनि और जलवा के बीच भी ज़ोरदार मुकाबले हुए.

Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें

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