मंडला जिले के बिछिया वन विभाग ने बाघ की खाल बरामदगी मामले में जांच के दौरान 26 और 27 अक्टूबर को 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनकी निशानदेही पर सरही वन क्षेत्र में एक अन्य बाघ के शिकार का खुलासा हुआ है।
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वन विभाग की टीम ने 27 और 28 अक्टूबर को अतरिया और सरही क्षेत्र से बाघ की रीढ़ की हड्डी, सिर, बाल, नाखून सहित अवशेष बरामद किए। इसके साथ ही शिकार में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, फरसा, बिजली के तार और अन्य औजार भी जब्त किए गए हैं।
सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
बिजली का तार बिछाकर बाघ का शिकार किया
बिछिया एसडीओ (वन) चंद्रिका सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक खेत में बिजली का तार बिछाकर बाघ का शिकार करने की बात कबूल की है। आरोपियों की जानकारी पर दो अलग-अलग जगहों से बाघ के अवशेष मिले हैं।
हालांकि, दो अलग-अलग बाघ होने की अंतिम पुष्टि फोरेंसिक परीक्षण और डीएनए रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों में दो भीमपुरी के और शेष अतरिया गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
25 अक्टूबर की रात बाघ की खाल के साथ भीमपुरी निवासी मिस्तर और गोविंद को हिरासत में लिया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर 26 अक्टूबर को अतरिया निवासी अग्हन को भी गिरफ्तार किया गया।
इन तीन आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अवैध शिकार में संलिप्त एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।