बैतूल के भैंसदेही में कांग्रेस ने मक्का किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने सरकार की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मक्का के भुट्टे लटकाकर प्रदर्शन किया। जिन्हें रोकने और पुतला दहन न होने देने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान हुई। इस दौरान पुलिस ने वाटर केनन से पानी की बौछार की।
इस दौरान मक्का फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की मांग की। प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय तक पहुंचे और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
मक्का का रेट 12सौ रुपए भी नहीं मिल रहा
किसानों का कहना है कि मक्का उत्पादन की लागत 2000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक हो गई है, जबकि बाजार में उन्हें 1200 रुपए प्रति क्विंटल भी नहीं मिल पा रहा है। कड़ी मेहनत और बढ़ती लागत के बावजूद उन्हें ऐसा मूल्य मिल रहा है जिससे जीवन यापन मुश्किल हो गया है। राज्य और केंद्र सरकार ने 2400 रुपए प्रति क्विंटल पर मक्का खरीदने का वादा किया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ।
किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था
पूर्व विधायक धरमू सिंह सिरसाम ने कहा कि जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने और मक्का के लिए 2400 रुपए, धान के लिए 3100 रुपए और गेहूं के लिए 2700 रुपए प्रति क्विंटल MSP तय करने की बात कही थी।
सिरसाम ने आगे कहा, “जब मुख्यमंत्री थे तब कहते थे टाइगर जिंदा है, माई का लाल जिंदा है। लेकिन किसानों की इस हालात पर माई का लाला और टाइगर कहां है?” उन्होंने ‘भवांतर योजना’ को ‘छू मंतर योजना’ बताते हुए कहा कि इसके कारण किसान परेशान हैं।