सीहोर जिले में गेहूं की बुवाई से पहले किसानों को खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। भाऊखेड़ी सोसाइटी सहित कई खाद विक्रय केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। किसानों को एक-एक बोरी खाद के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। दीपावली के बाद भी यह स्थिति
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बुधवार को भाऊखेड़ी सोसाइटी में सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। विक्रय केंद्र देर से खुलने के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। किसान अपनी बही (खाता-बही) कतार में लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई किसानों को दिनभर की मशक्कत के बाद ही खाद मिल पाई।
सोयाबीन के बाद गेहूं की फसल के लिए भी खाद संकट
यह हालात उस समय की याद दिला रहे हैं जब सोयाबीन की बुवाई के दौरान भी इसी तरह का खाद संकट देखने को मिला था। इस समय जिले में सोयाबीन की कटाई जारी है और किसान अब गेहूं की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। कई किसानों ने गेहूं और चने की बुवाई भी शुरू कर दी है, ऐसे में खाद की मांग तेजी से बढ़ गई है।
इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारी अनिल जाट ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। संभव है कि किसी एक केंद्र पर अधिक किसान पहुंच जाने से भीड़ बढ़ी हो। वहीं किसानों का कहना है कि विक्रय केंद्र समय पर नहीं खुलते, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण अन्नदाता लगातार परेशान हैं।
खाद के लिए किसानों की लंब लाइन, देखें तस्वीरें
