नीमच में पिछले दो दिनों में दो यात्री बसें बड़े हादसों का शिकार होने से बाल-बाल बची हैं। इन घटनाओं में बस ड्राइवरों की कथित लापरवाही सामने आई है। एक बस खाई में उतरकर पेड़ पर अटक गई, जबकि दूसरी कीचड़ में धंस गई।
.
गुरुवार सुबह नीमच से जावी जा रही निलेश्वरी बस बोरखेड़ी के पास अनियंत्रित होकर खाई में उतर गई। गनीमत रही कि बस एक पेड़ पर अटक गई, जिससे वह पलटने से बच गई। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि बस में सवार चार यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। हादसे की सूचना मिलते ही तहसीलदार संतोष कुमार मौके पर पहुंचे।
इससे एक दिन पहले, नीमच से चित्तौड़गढ़ जाने वाली मीनाक्षी बस भी ड्राइवर की लापरवाही के कारण हादसे का शिकार होते-होते बची। भाटखेड़ा फंटे से जावद फंटे तक निर्माणाधीन सड़क पर कलेक्ट्रेट चौराहे के पास ड्राइवर ने डायवर्सन रोड का उपयोग करने के बजाय निर्माणाधीन सड़क से बस निकाल ली। इसके चलते बस एक तरफ से खिसकते हुए कीचड़ में धंस गई और पलटने से बच गई।

बस के कीचड़ में धंसने के बाद, यात्रियों को दूसरी बस बुलाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। बाद में जेसीबी की मदद से बस को बाहर निकाला गया। इन दो अलग-अलग घटनाओं ने परिवहन विभाग और बस ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने प्रशासन से लापरवाही बरतने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोका जा सके।
