नीमच की NDPS कोर्ट ने डोडा चूरा तस्करी के एक आरोपी को 12 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1.5 लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार बाजोलिया ने यह फैसला शुक्रवार शाम को सुनाया। आरोपी मांगीलाल भील पर 4 क्विंटल
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4 क्विंटल डोडा चूरा तस्करी करते पकड़ाया था आरोपी
जिला लोक अभियोजक कार्यालय के मीडिया प्रभारी एडवोकेट अली असगर और लोक अभियोजक चंचल बाहेती ने बताया कि यह घटना 23 जनवरी, 2020 की है। नारकोटिक्स सेल नीमच थाने के उपनिरीक्षक रउफ खान को मुखबिर से सूचना मिली थी।
कि हरियाणा का रणधीर रंगा अपने साथी मांगीलाल भील के साथ मिलकर एक अशोक लीलैंड कंपनी के ट्रक में करीब 4 क्विंटल डोडा चूरा छिपाकर मनासा होते हुए राजस्थान/हरियाणा की ओर तस्करी करने जा रहा था।
नाकाबंदी कर पुलिस ने ट्रक को पकड़ा
सूचना की पुष्टि के बाद, पुलिस बल ने ग्राम भाटखेड़ा फंटे के आगे फोरलेन रोड पर नाकाबंदी की। लगभग 15 मिनट बाद, मुखबिर द्वारा बताए गए ट्रक को रोक लिया गया। ट्रक चालक ने अपना नाम मांगीलाल पिता प्रभुलाल बताया। ट्रक की तलाशी लेने पर, कूलर के बॉक्स के बीच काले प्लास्टिक के 20 कट्टों में छिपाया गया 4 क्विंटल (400 किलोग्राम) डोडा चूरा बरामद हुआ।
आरोपी मांगीलाल को तुरंत गिरफ्तार कर नारकोटिक्स सेल इंदौर थाने में मामला दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद, अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान सह-आरोपी रणधीर और कारूलाल फरार हो गए, लेकिन मांगीलाल भील पर यह प्रकरण चलता रहा। लोक अभियोजक द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण अभियोजन साक्ष्य के आधार पर, न्यायालय ने आरोपी मांगीलाल भील को दोषी ठहराया और उसे यह कठोर सजा सुनाई।