मध्यप्रदेश में नीट-यूजी मॉप-अप काउंसलिंग से पहले फ्रीडम फाइटर कोटे में फर्जी प्रमाणपत्रों की शिकायतें दोबारा सामने आई हैं। भोपाल के एक अभिभावक ने डीएमई को पत्र लिखकर सभी उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र और पारिवारिक वंश-वृक्ष (फैमिली ट्री) की जांच की मांग
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उन्होंने कहा कि इस बार मॉप अप राउंड से पहले स्वतंत्रता संग्राम श्रेणी में 10 नए रजिस्ट्रेशन हुएहैं, जबकि पहली काउंसलिंग में 18 सीटें खाली रह गई थीं। अभिभावकों का आरोप है कि कई प्रमाणपत्र ऐसे उम्मीदवारों को जारी किए गए हैं जिनका स्वतंत्रता सेनानियों से सीधा संबंध ही नहीं है।
डीएमई की वेबसाइट के अनुसार, इस कोटे का फायदा सिर्फ स्वतंत्रता सांग्राम सेनानी की पहली या दूसरी पीढ़ी के वारिसों को ही मिल सकता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्वतंत्रता सेनानियों की औसत आयु 96-97 वर्ष है, ऐसे में उनका 17-18 साल का पोता या पोती होना असंभव है। पिछली काउंसलिंग में भी इस श्रेणी के सात उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। एफआईआर भी हुईं। एडमिशन भी कैंसिल हुए।
अब अभिभावकों ने मांग की है कि डीएमई तीन दिन के भीतर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे में आने वाले उम्मीदवारों को उनके माता-पिता के मूल आधार कार्ड और प्रमाणपत्रों के साथ बुलाएं और फैमिली ट्री का सत्यापन करें। अगर दस्तावेज मेल नहीं खाते तो ऐसे उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया जाए।