महिला वर्ल्ड कप 2025 में 7 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का सफर खत्म हो चुका है. 338 रन बनाकर भी मेजबान भारत के हाथों ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में शिकस्त मिली. इस हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली निराश नजर आईं. उनका यह आखिरी वनडे वर्ल्ड कप है. इतना बड़ा स्कोर बोर्ड पर लगाने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया से कहां चूक हो गई. इसे लेकर एलिसा हीली ने मुकाबले के बाद बात की. उन्होंने हार की क्या वजह बताई. आइए जानते हैं…
भारत ने रोका ऑस्ट्रेलिया का विजयरथ
इस जीत के साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया का महिला वर्ल्ड कप विजयरथ रोक दिया. ऑस्ट्रेलिया ने इस सेमीफाइनल से पहले तक महिला वर्ल्ड कप में लगातार 15 मुकाबले जीते थे. 2022 के बाद से ऑस्ट्रेलिया महिला वर्ल्ड कप में अजेय थी. इससे पहले भी भारत ही वो टीम थी, जिसने ऑस्ट्रेलिया को महिला वर्ल्ड कप में शिकस्त दी थी. भारत ने 2017 में सेमीफाइनल में ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाई थी.
हार का किस पर फोड़ा ठीकरा?
मैच के बाद हीली ने कहा, ‘अंत में मुकाबला काफी अच्छा रहा. हमने बल्लेबाजी में अच्छी फिनिशिंग नहीं की, गेंदबाजी उतनी अच्छी नहीं की और फील्डिंग में कैच भी छोड़े. लेकिन आखिर में, हम हार गए.’ स्कोर को लेकर हीली ने कहा, ‘हमें लगा था कि हमने आधा काम कर लिया है. कुछ रन कम रह गए थे. हमें लगा कि अगर हम गेंद से सही एग्जीक्यूट कर पाते और अपने मौके भुना लेते, तो हम अभी भी मैच में थे. भारत ने बहुत अच्छा खेला, उन्होंने शांत रहकर खेला और जीत हासिल की.’
लिचफील्ड-गार्डनर की तारीफ की
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने आगे कहा, ‘मेरे लिए वहां खड़े होकर अगली पीढ़ी को खेलते देखना एक अजीब अनुभव था. लिचफील्ड शानदार थी. उसने हमें बहुत अच्छी शुरुआत दी. वह शतक बनाकर फायदा उठा सकी. उसे बधाई. उसे देखना मजेदार है और अगले चार साल, अगले विश्व कप तक उसे देखना मजेदार रहेगा. आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसर मिलने वाले हैं. अगले चक्र में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और यह ग्रुप के लिए काफी रोमांचक होगा. ऐश (गार्डनर) का टूर्नामेंट शानदार रहा. सबने खूबसूरती से योगदान दिया, इसीलिए अभी यहां खड़े होकर मुझे निराशा हो रही है.’
‘हम मौके नहीं भुना पाए’
एलिसा ने माना कि टीम ने कई मौके जरूर बनाए, लेकिन उन्हें भुनाने में कामयाब नहीं रहे. उन्होंने कहा, ‘हमने पर्याप्त दबाव और मौके बनाए, लेकिन उन्हें भुना नहीं पाए. इसमें मेरी भी गलती है. यह एक ऐसी चीज है जिस पर हमें गर्व है, लेकिन हमने खुद को उस मामले में निराश किया. हम इससे सीखेंगे, आगे बढ़ेंगे और उम्मीद है कि हमारा क्रिकेट बेहतर होगा. हमने अविश्वसनीय क्रिकेट खेला है. सेमीफाइनल एक नॉकआउट गेम होता है, और अगर आप उस दिन अच्छा नहीं करते हैं, तो कोई भी टीम आपको हरा सकती है. हमें बहुत गर्व है. हर मैच में कोई न कोई आया और अपना काम पूरा किया और यह सच में बहुत अच्छा है. इतना अच्छा क्रिकेट खेलने के बाद भी अभी यह बातचीत करना दुखद है.’