इंदौर के हीरानगर में रहने वाले एक स्टेशनरी दुकान कर्मचारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। रात में वह पूजन करने के बाद सोने चले गए थे। सुबह 4 बजे पत्नी की नींद खुली तो वह फंदे पर लटके थे। जिसके बाद पत्नी ने परिवार और पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस ने शव को रविवार सुबह एमवाय भेजा है। पुलिस के मुताबिक घटने के पीछे काम के तनाव की बात सामने आ रही है।
हीरानगर पुलिस के मुताबिक मेघदूत नगर में रहने वाले महेश(48) पुत्र ताराचंद केसरी का शव रविवार अलसुबह उसके घर के फंदे पर लटके मिला। परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। महेश रानीपुरा इलाके में एक स्टेशनरी की दुकान पर काम करते थे। उनकी तीन बेटियां है। तीनों पढ़ाई कर रही हैं।
परिवार के लोगो ने बताया कि महेश काफी सरल और सीधे व्यक्ति थे। उन्हें काम को लेकर तनाव था। शायद इसी के चलते उन्होंने इस तरह का कदम उठा लिया। महेश के भाई और माता पिता भी साथ में ही रहते है। पुलिस को मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है।
भाईदूज पर गिरा था युवक, सिर में आई थी चोट इंदौर के पंचमूर्ति नगर में रहने वाले एक युवक की घर पर गिरने से मौत हो गई। बताया जाता है कि वह सीढ़ियों से नीचे गिर गया था। उसके सिर में मल्टीपल फैक्चर हुए थे। उसका एमवाय में 10 दिनों से उपचार चल रहा था। शनिवार शाम को अचानक तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
चंदन नगर पुलिस ने दीपक (25)पुत्र रमेश चौधरी की मौत के मामले में जांच शुरू की है। परिवार के लोगों ने बताया कि दीपक भाईदूज के दिन सीढ़ियों से ऊपर कमरे में गया था। इस दौरान पैर उलझने के चलते वह गिर गया। नीचे आने के बाद वह बेसुध हो गया। भाई राहुल और अन्य लोग उसे उपचार के लिए एमवाय में लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने एक्सरे कराया तो सिर में मल्टीपल फेक्चर निकले। करीब 10 दिन के संघर्ष के बाद उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों के मुताबिक दीपक के घर में माता पिता पत्नी एक बेटा और एक छोटा भाई व बहन है। दीपक हम्माली करता था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है।