कटनी कोतवाली पुलिस ने रविवार को एक साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी सर्राफा कारोबारी अरुण कुमार गोयनका के साथ लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी में शामिल थे।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि पाहूजा और रवि रावलानी के रूप में हुई है। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है।
ये है पूरा मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब सर्राफा कारोबारी अरुण कुमार गोयनका ने पुलिस अधीक्षक कटनी को शिकायत दी। गोयनका ने बताया कि उनके एयू बैंक, बरगवां कटनी के खाते में ₹4 लाख की राशि पर रोक लगा दी गई है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
एसपी ने साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए थे। साइबर सेल ने जांच में पाया कि यह रोक बरही, ढीमरखेड़ा, कटनी निवासी रितिक कुमार पटेल के कहने पर लगाई गई थी।
व्यापारी से आरोपी ने सोना खरीदा था
व्यापारी अरुण गोयनका से पूछताछ में उन्होंने बताया कि संगीता ज्वेलर्स, माधवनगर कटनी के संचालक रवि पाहूजा ने 18 सितंबर 2025 को रितिक पटेल को 457.06 ग्राम शुद्ध सोना दिया था, जिसकी कीमत ₹51 लाख 80 हजार 800 रुपए थी।
सोने के बिल रितिक पटेल के नाम पर थे, लेकिन रितिक ने खाते पर रोक लगाने की बात से इनकार कर दिया।
आरोपी से पूछताछ में सामने आया फ्रॉड
इसके बाद रवि पाहूजा से पूछताछ की गई, जिससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पाहूजा ने बताया कि उसका ग्राहक रवि रावलानी है, जो फिनो बैंक का डिस्ट्रीब्यूटर है और पहले कटनी में फिनो बैंक का कियोस्क चलाता था।
रवि रावलानी ने पाहूजा को बताया कि टेलीग्राम के माध्यम से किसी व्यक्ति ने उसके फिनो बैंक मर्चेंट आईडी के खातों में तीन अलग-अलग किश्तों में कुल ₹88 लाख की राशि ऑनलाइन भेजी थी। ये खाते कुलदीप मलिक, संजय कुमार और रितिक पटेल के नाम पर थे, जिन्हें रवि रावलानी स्वयं संचालित करता था।