महिलाओं को समझाने का प्रयास करते स्थानीय नेता।
सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत झोखो में आत्मनिर्भर यात्रा के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह और सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा के सामने विरोध किया। महिलाओं ने मूलभूत सुविधाओं क
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महिलाओं का कहना था कि झोखो पंचायत एक आदिवासी क्षेत्र है, लेकिन यहां बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं दशकों से उपलब्ध नहीं हैं। उन्हें केवल कोरे आश्वासन मिलते रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत के सरपंच और सचिव विकास कार्यों में कोई रुचि नहीं लेते। उनका यह भी कहना था कि स्थानीय भाजपा नेताओं के संरक्षण में क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
विरोध करतीं महिलाएं।
सांसद-विधायक वादे करके चले जाते हैं
गांव की निवासी पुष्पा प्रजापति ने बताया कि विधायक और सांसद लगातार वादे करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हम आज भी सड़क, बिजली और पानी के लिए तरस रहे हैं।
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की ओर से निकाली गई चार दिवसीय आत्मनिर्भर यात्रा शनिवार को सीधी से सिंगरौली जिले में पहुंची थी। इस यात्रा में राज्य मंत्री राधा सिंह भी शामिल थीं। हालांकि, जब महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तब तक अधिकांश नेता और अधिकारी कार्यक्रम स्थल से आगे बढ़ चुके थे।

ग्रामीण महिलाओं को समझाने का प्रयास करते स्थानीय नेता।
किसी ने नहीं सुनी बात
ग्रामीण महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर सरकार और नेताओं से जवाब मांगती रहीं, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए कोई मौजूद नहीं था। आत्मनिर्भर यात्रा का यह पड़ाव झोखो पंचायत में जनआक्रोश और उपेक्षित विकास की आवाज़ों के बीच समाप्त हुआ।
महिलाओं के विरोध की अन्य तस्वीरें…


