Last Updated:
Abhijita Rathore Organ Donation: एमपी की उज्जैन निवासी 38 साल की एडवोकेट अभिजीता राठौर के अंगदान के लिए परिजनों सहमति मिलने के बाद लोगों को नया जीवनदान मिला है. अभिजीता का इलाज इंदौर के जुपिटर विशेष हॉस्पिटल में हो रहा था, जहां डॉक्टरों ने उनके ब्रेन डेथ होने के बारे में फैमिली को बता दिया था. परिजनों ने उनके ऑर्गन देने का फैसला लिया.
Abhijita Rathore Organ Donation: इंदौर की जानी-मानी हाईकोर्ट की एडवोकेट अभिजीता राठौर ने अपने जीवन के आखिरी पलों में भी वो काम कर दिखाया, जो शायद ही कोई कर पाता है. उन्होंने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनके अंगों को दान करने का फैसला लिया गया. बीते रविवार को डॉक्टरों ने उनके ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. जिसके बाद परिवार ने उनके अंगदान का फैसला लिया. इसके लिए शहर का 65वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. इस कॉरिडोर की मदद से अभिजीता का लिवर और दोनों किडनियां इंदौर के 3 बड़े अस्पतालों जुपिटर हॉस्पिटल, सीएचएल हॉस्पिटल और चोइथराम हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट के लिए दी गईं।
ग्रीन कॉरिडोर की मदद से अंगदान
इसके बाद इंदौर में बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर के जरिए उनके दिल, लिवर, फेफड़े और किडनी को निकालकर जरूरतमंद तक ले जाया गया. इंदौर जिला प्रशासन ने भी गार्ड ऑफ़ ऑनर के जरिए दिवंगत अभिजीता सिंह राठौर को श्रद्धांजलि दी.
15 साल पहले हुई थी शादी
अभिजीता राठौर ने एलएलबी और एलएलएम की डिग्री लेकर हाई कोर्ट में वकालत की. उनकी शादी उज्जैन के रेलवे ठेकेदार प्रवीण राठौर से हुई थी. अभिजीता हमेशा से ही सामाजिक कामों में भी एक्टिव रहीं थी. उन्होंने हमेशा आम लोगों से लेकर ज़रूरतमंदों की मदद की है.
अंगदान का फैसला कब लिया?
डॉक्टरों के अनुसार, अभिजीता राठौर का इंफेक्शन सही हो गया था, लेकिन ब्रेन हेमरेज के बाद उनका ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. डॉक्टरों की टीम के अनुसार, अभिजीता का बस ब्रेन डेड हुआ था, लेकिन उनके बाकी ऑर्गन हेल्दी थे. इसलिए मेडिकल टीम ने उनकी फैमिली को अंगदान कराने का प्रस्ताव दिया, तो उन्होंने भी इसे मान लिया. इसके बाद सारी फॉर्मेलिटी पूरी होने के बाद अस्पताल मैनेजमेंट ने जिला प्रशासन की मदद से उनके 8 अंगों को सुरक्षित रूप से निकालकर रखा गया (हृदय, यकृत, गुर्दे, फेफड़े, गुर्दे और त्वचा)। ग्रीन कार्ड कॉरिडोर बनाकर इन्हें जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लाट किया जाएगा.
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत कई नेताओं, समाजसेवी उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. जिला प्रशासन ने भी उनको सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re… और पढ़ें