अब ठंड में भी लहलहाएगी मक्का की फसल! आधुनिक तकनीक से बढ़ी किसानों की कमाई कई गुना, एक्सपर्ट से जानें तरीका

अब ठंड में भी लहलहाएगी मक्का की फसल! आधुनिक तकनीक से बढ़ी किसानों की कमाई कई गुना, एक्सपर्ट से जानें तरीका


Agriculture News: भारत में कृषि हमेशा से आजीविका का प्रमुख साधन रही है. जहां एक ओर पारंपरिक रूप से खरीफ मौसम में मक्का बोई जाती थी, वहीं अब रबी सीजन में भी मक्का की खेती किसानों के लिए नए अवसर लेकर आई है. आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत किस्मों के आने से अब ठंड के मौसम में भी मक्का की पैदावार संभव हो गई है. यही वजह है कि देश के कई राज्यों में किसान अब सर्दियों में भी मक्का उगाकर मुनाफा कमा रहे हैं.

रबी सीजन में मक्का की बढ़ती लोकप्रियता
पहले मक्का को केवल खरीफ फसल के रूप में देखा जाता था, क्योंकि यह गर्मी और वर्षा में अच्छी तरह पनपती थी. लेकिन अब वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के प्रयासों से रबी मक्का की ऐसी वैरायटी विकसित की गई हैं, जो ठंडे मौसम में भी बेहतर उपज दे सकती हैं. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में किसान अब नवंबर से जनवरी के बीच मक्का की बुवाई कर रहे हैं और अप्रैल-मई में कटाई कर रहे हैं.

खंडवा जिले के कृषि विशेषज्ञ नवनीत रेवपार्टी बताते हैं कि “रबी सीजन में मक्का की खेती से किसानों को डबल फायदा मिलता है. एक तो यह फसल लंबे समय तक टिकी रहती है और दूसरा इसका उत्पादन अधिक होता है. हालांकि इसकी तोड़ाई खरीफ के मुकाबले थोड़ी देर से होती है, लेकिन बाजार में इसका दाम भी अच्छा मिलता है.”

पानी और सिंचाई की सुविधा से मिली रफ्तार
पहले के समय में बुजुर्ग किसान केवल एक बार ही मक्का लगाते थे, क्योंकि उस समय सिंचाई के साधन सीमित थे. लेकिन अब ट्यूबवेल, ड्रिप इरिगेशन और नलकूप जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों ने खेती का चेहरा बदल दिया है. पर्याप्त पानी की उपलब्धता के कारण किसान अब साल में दो से तीन बार तक मक्का उगा सकते हैं. विशेष रूप से रबी सीजन में जब अन्य फसलों की कीमतें स्थिर रहती हैं, तब मक्का की मांग बढ़ जाती है.

उद्योगों और पशुपालन में मक्का की मांग
मक्का केवल मानव भोजन के लिए नहीं, बल्कि उद्योगों और पशुपालन के लिए भी अहम है. पोल्ट्री उद्योग में मक्का का उपयोग मुख्य आहार के रूप में होता है. इसके अलावा कॉर्न ऑयल, स्टार्च, बायोफ्यूल और कॉर्न फ्लेक्स जैसे उत्पादों में भी इसका इस्तेमाल होता है. यही कारण है कि मक्का की कीमत बाजार में स्थिर रहती है और किसानों को बेहतर आमदनी की गारंटी देती है.

उन्नत किस्में और वैज्ञानिक खेती का असर
आज बाजार में कई ऐसी हाइब्रिड मक्का की किस्में उपलब्ध हैं, जो सर्दी के मौसम में बेहतर प्रदर्शन करती हैं. जैसे—**डीकेसी 9141, प्रिया हाइब्रिड



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