हरदा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। सिंधी समाज के लोगों ने एक कपड़ा व्यापारी के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले को झूठा बताते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग की। समाज के सदस्यों ने कलेक्टर और एसपी से मिलकर मामल
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शहर की सिंधी कॉलोनी निवासी ऋचा आडवाणी ने बताया कि महिला थाने में उनके पति अनिल आडवाणी के खिलाफ हंडिया थाना क्षेत्र की एक महिला ने दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच अजाक थाना कर रहा है।
पत्नी बोली- महिला से रुपयों के लेन-देन ऋचा आडवाणी ने तर्क दिया कि जिस महिला ने उनके पति पर आरोप लगाया है, उससे उनका रुपयों के लेन-देन का विवाद था। महिला के परिवार द्वारा दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए थे। उन्होंने बताया कि एफआईआर में महिला ने कहा है कि दुकान का नौकर उसे व्यापारी के घर ले गया था, जहां परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति में उसके साथ दुष्कर्म हुआ।
हालांकि, ऋचा आडवाणी के अनुसार, कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों से स्पष्ट है कि महिला उनके दुकान के कर्मचारी के साथ नहीं आई थी। साथ ही, जिस समय घटना होने का आरोप लगाया गया है, उस दौरान वह स्वयं और उनका बेटा दोनों घर पर ही मौजूद थे।
इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमित मिश्रा ने कहा कि जब कोई महिला थाने आकर दुष्कर्म की शिकायत करती है, तो पुलिस को उसकी रिपोर्ट दर्ज करनी होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, पुलिस उस पर विधि सम्मत कार्रवाई करेगी। एएसपी मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।