Inodre News: इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के खातीपुरा इलाके में एक 32 साल के युवक संदीप की अचानक मौत ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया. संदीप रोजाना की तरह जिम करने गया था. एक घंटे की कड़ी एक्सरसाइज के बाद वह अपनी अंडे की दुकान पर पहुंचा. वहां उसने हाफ फ्राय अंडा खाया. बस आधे घंटे के अंदर ही उसकी जान चली गई.
संदीप पिछले छह साल से रोज जिम जाता था. वह अपनी सेहत को लेकर बहुत सजग था. सुबह उठकर व्यायाम करना, अच्छा खाना और नियमित दिनचर्या – सब कुछ उसकी आदत में शामिल था. उसकी दुकान भी उसी इलाके में थी, जहां वह अंडे बेचता था. मंगलवार की शाम भी वैसी ही थी. जिम खत्म कर वह दुकान पर आया, अंडा बनाया, खाया और फिर घर की ओर चल दिया.
घबराहट और एसिडिटी जैसा महसूस
घर पहुंचते ही उसे सीने में तेज जलन, घबराहट और एसिडिटी जैसा महसूस हुआ. उसने सोचा शायद अंडा भारी पड़ गया. थोड़ी देर आराम करने की सोची, लेकिन हालत बिगड़ती गई. सांस लेने में तकलीफ होने लगी. छोटा भाई समझ गया कि बात गंभीर है. उसने तुरंत संदीप को गोद में उठाया और ऑटो से अस्पताल की ओर भागा. रास्ते में ही संदीप की सांसें थम गईं. अस्पताल पहुंचते-पहुंचते डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. हार्ट अटैक था – इतना तेज कि कोई मौका ही नहीं मिला.
संदीप के परिवार में मां-बाप, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं. तीन महीने पहले ही उसकी बेटी पैदा हुई थी. घर में खुशियां थीं, लेकिन एक पल में सब उजड़ गया. उसकी पत्नी रो-रोकर बेहाल है. छोटे बच्चे अभी कुछ समझ भी नहीं पा रहे. पड़ोसी और दुकान के ग्राहक भी सदमे में हैं. सब कहते हैं, “संदीप इतना फिट था, रोज जिम जाता था, फिर ऐसा कैसे हो गया?”
अब सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर जिम के तुरंत बाद भारी खाना, खासकर तला हुआ अंडा, दिल पर दबाव डाल सकता है. एक्सपर्ट का मानना है कि एक्सरसाइज के बाद शरीर में ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा हुआ होता है. ऐसे में अचानक तला-भुना खाना हार्ट अटैक का ट्रिगर बन सकता है. संदीप को शायद पहले से कोई हार्ट की समस्या थी, जो कभी पता नहीं चली, या फिर लगातार जिम और डाइट का गलत कॉम्बिनेशन जानलेवा साबित हुआ.
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो साफ बताएगी कि मौत का असली कारण क्या था. लेकिन यह घटना एक बड़ा सबक दे रही है – फिटनेस के नाम पर अति न करें. जिम के बाद हल्का खाना, पानी ज्यादा पिएं और शरीर की सुनें. संदीप की मौत ने सैकड़ों युवाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सेहत का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन सावधानी भी उतनी ही जरूरी है.
परिवार अब अकेला पड़ गया है. दुकान बंद है, बच्चे मां को पुकार रहे हैं और पत्नी बस यही कह रही है, “मैंने तो कहा था आज मत खाओ अंडा, थक गए हो…” लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता. संदीप की यादें ही बाकी हैं – एक मेहनती, हंसमुख और जिम लवर इंसान की, जिसने कभी सोचा भी नहीं था कि उसकी आखिरी शाम यूं बीतेगी.
रिपोर्टर- मिथिलेश गुप्ता