नाका चंद्रवदनी रोड धंसकाने की तैयारी में अफसर-ठेकेदार: सीवर लाइन डाल बिना कॉम्पेक्शन छोड़ी सड़क में 21 गाड़ी मटेरियल समाया, अभी बनी तो धंसकना तय – Gwalior News

नाका चंद्रवदनी रोड धंसकाने की तैयारी में अफसर-ठेकेदार:  सीवर लाइन डाल बिना कॉम्पेक्शन छोड़ी सड़क में 21 गाड़ी मटेरियल समाया, अभी बनी तो धंसकना तय – Gwalior News



चेतकपुरी, सिरोल और सिटी सेंटर में धंसकी सड़कों से भी नगर निगम के अधिकारियों ने सबक नहीं लिया है। यही कारण है कि उन्होंने जो चूक इन सड़कों पर की थी वही चूक नाका चंद्रवदनी चौराहे से झांसी रोड पुलिस थाने तक की सड़क में की जा रही है। यहां नगर निगम, पीएचई

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इसके बाद लाइन डालने वाले ठेकेदार को कॉम्पेक्शन करते हुए सड़क को पुराने स्वरूप (जिस स्थिति में सड़क की खुदाई की गई थी) में वापस लाकर छोड़ना था। ऐसा नहीं हुआ, बल्कि सीवर लाइन डालने के बाद सामान्य तरीके से गिट्टी पटककर ठेकेदार मैसर्स जैन एंड राय कंस्ट्रक्शन कंपनी, ग्वालियर ने सड़क छोड़ दी।

अब पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने टेंडर पास कर सड़क निर्माण शुरू कराने की तैयारी की, तो खुलासा हुआ कि कॉम्पेक्शन न होने के कारण इसका बेस बहुत कमजोर है। जिसे मजबूत करने के लिए अब तक 12 डंपर और 9 ट्रॉली रॉ मटेरियल डाला जा चुका है। लेकिन बार-बार ये सड़क धंसक ही रही है। जिस वजह से निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा।

चेतकपुरी रोड के अफसर-ठेकेदार ही यहां जिम्मेदार, बचाव की तैयारी

  • वार्ड 58 के देव नगर में सीवरेज समस्या दूर करने के लिए अमृत प्रोजेक्ट के तहत झांसी रोड़ पुलिस थाने के सामने से नाका चंद्रबदनी चौराहे तक 590 मीटर में सीवर लाइन डाली गई। कंपनी से किए गए अनुबंध में सड़क का रेस्टोरेशन अनिवार्य था। इसके बावजूद ठेकेदार फर्म ने सड़क पर सिर्फ ऊपरी गिट्टी भरकर काम छोड़ दिया।
  • जैन एंड राय कंस्ट्रक्शन वही कंपनी है जो चेतकपुरी रोड पर स्टॉर्म वाटर लाइन डालने के बाद कॉम्पेक्शन नहीं किया था। जिससे जुलाई में ये सड़क दो सप्ताह में 8 बार जगह से धंसकी। भोपाल से आई कमेटी की जांच में स्पष्ट हुआ था कि नियमों के अनुसार सड़क का कॉम्पेक्शन नहीं किया। लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
  • मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी नगर निगम के सहायक यंत्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल की थी, जो चेतकपुरी मामले में भी शामिल थे। पीएचई अधिकारी बहाना बना रहे हैं कि सड़क नई बननी थी इसलिए रेस्टोरेशन जरूरी नहीं, जबकि दस्तावेजों में ठेकेदार से बहाली का उल्लेख स्पष्ट है। चेतकपुरी में सख्ती न होने से हौसले बुलंद हैं, और अधिकारी ठेकेदार कंपनी को बचाने में जुटे हैं।

कॉम्पेक्शन नहीं हुआ? मैं देख नहीं पाया झांसी रोड को फिर से बनाया जाना था, इसलिए रेस्टोरेशन नहीं कराया। कॉम्पेक्शन नहीं हुआ (सवाल के जवाब में बोले) ये मैं देख नहीं पाया हूं, लेकिन कराया तो होगा। – संजीव गुप्ता, कार्यपालन यंत्री/ पीएचई

कॉम्पेक्शन हुआ, रेस्टोरेशन का पता नहीं हमने नाका चंद्रवदनी सड़क पर कॉम्पेक्शन कार्य कराया है। बारिश में सेटलमेंट हो गया होगा। रेस्टोरेशन हुआ है या नहीं, यह जानकारी नहीं है। – महेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सहायक यंत्री/ पीएचई नगर निगम व पीडब्ल्यूडी के बीच ‘पत्र युद्ध’ जारी सड़क का काम अधूरा छोड़कर गए ठेकेदार के बाद अब लोक निर्माण विभाग इसके निर्माण का काम शुरू नहीं करा पा रहा है। कारण, सड़क पर जितना भी रॉ मटेरियल डाला जा रहा है वह लगातार अंदर की तरफ धंसता जा रहा है। जिसको लेकर पीडब्ल्यूडी ने नगर निगम व पीएचई विभाग को पत्र भी लिखे हैं कि रोड का कॉम्पेक्शन नहीं होने के कारण सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा।

बिना कॉम्पेक्शन सड़क बनाई तो धंसकेगी ^सीवर लाइन का काम जितने हिस्से में किया गया है। वहां पर कॉम्पेक्शन नहीं हुआ, जिस कारण वहां डाला जा रहा मटेरियल बार-बार अंदर की तरफ धंसक रहा है। अब तक यहां 12 डंपर व 9 ट्रॉली मटेरियल डलवाया जा चुका है। उसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी है और नगर निगम व पीएचई को इसे लेकर पत्र भी भेजे हैं। क्योंकि, ऐसी स्थिति में सड़क बनाई गई तो वह जगह-जगह से धंसकेगी। – रामस्वरूप सूर्यवंशी, एसडीओ/ लोक निर्माण विभाग



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