निर्मला सप्रे दलबदल केस में विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस: हाईकोर्ट ने सरकार से भी मांगा कार्रवाई का ब्यौरा, अगली सुनवाई 18 को – Bhopal News

निर्मला सप्रे दलबदल केस में विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस:  हाईकोर्ट ने सरकार से भी मांगा कार्रवाई का ब्यौरा, अगली सुनवाई 18 को – Bhopal News


सागर जिले के बीना विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनी निर्मला सप्रे दलबदल केस में एमपी हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, एमपी सरकार और निर्मला सप्रे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एमपी हाईकोर्ट जबलपुर ने नेता प्रतिपक

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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष के वकील ने आपत्ति करते हुए तर्क दिया कि इस मामले की सुनवाई डिवीजन बेंच में नहीं हो सकती। इस तर्क को खारिज करते हुए कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर पूछा है कि निर्मला सप्रे को दलबदल मामले में अयोग्य घोषित करने वाली याचिका पर 90 दिन में निर्णय करना चाहिए था, लेकिन 16 महीनों में निर्णय क्यों नहीं किया? कोर्ट ने 18 नवंबर तक विधानसभा अध्यक्ष, निर्मला सप्रे और एमपी सरकार से जवाब मांगा है।

बीना से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनी निर्मला सप्रे।

कांग्रेस ने लगाई है याचिका

कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी की विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। कांग्रेस ने मांग की है कि सागर जिले के बीना से विधायक सप्रे ने दलबदल किया है, इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए। विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 मई 2024 को राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थी। तब से वे कांग्रेस से दूरी बनाते हुए भाजपा के साथ हैं, लेकिन औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता नहीं ली है। इसी वजह से आधिकारिक तौर पर अब भी वह कांग्रेस की विधायक हैं।

2 साल पहले बनी थी सप्रे विधायक

निर्मला सप्रे 2023 के विधानसभा चुनाव में सागर जिले की बीना सीट से चुनाव जीत कर विधायक बनी थीं। लोकसभा चुनाव के दौरान सागर जिले के राहतगढ़ कस्बे में आयोजित बीजेपी की चुनावी जनसभा में निर्मला सप्रे मंच पर पहुंची और उन्होंने सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के हाथों भाजपा का गमछा गले में डाला। मंच से यह ऐलान किया गया कि निर्मला सप्रे ने बीजेपी जॉइन कर ली है। सप्रे ने भी कहा कि वे बीना के विकास के लिए बीजेपी के साथ आई हैं।

विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 मई 2024 को राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थीं। तब से वे कांग्रेस से दूरी बनाते हुए भाजपा के साथ हैं।

विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 मई 2024 को राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थीं। तब से वे कांग्रेस से दूरी बनाते हुए भाजपा के साथ हैं।

निर्मला केस में कब, क्या हुआ?

  • निर्मला सप्रे के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन 7 जुलाई 2024 को विधानसभा अध्यक्ष को सदस्यता खत्म करने का आवेदन दिया।
  • विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष को करीब ढाई महीने बाद जवाब आया कि आपकी याचिका के दस्तावेज गुम हो गए हैं।
  • नेता प्रतिपक्ष ने दोबारा याचिका से संबंधित दस्तावेज स्पीकर को भेजे।
  • जुलाई से 90 दिनों में जब स्पीकर की ओर से सप्रे की सदस्यता को लेकर निर्णय नहीं हुआ तो 28 नवंबर 2024 को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई।
  • इंदौर हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई के लिए 9 दिसंबर 2024 की तारीख दी।
  • 9 दिसंबर 2024 को इंदौर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष और बीना विधायक को नोटिस जारी किए। सुनवाई की तारीख 19 दिसंबर तय की गई।
  • 19 दिसंबर को सरकार ने हाईकोर्ट से इंदौर की जगह जबलपुर में सुनवाई की मांग की गई।

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इंदौर में नहीं होगी विधायक निर्मला सप्रे केस की सुनवाई

बीना विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल के मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका को इंदौर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। सप्रे की सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर जस्टिस प्रणय वर्मा की बेंच ने अंतिम आदेश पारित किया। पढ़ें पूरी खबर…



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