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MP Bus Heart Attack News: मध्य प्रदेश में इंदौर से भोपाल जा रही बस में अचानक एक बुजुर्ग यात्री को हार्ट अटैक आ गया. अफरा-तफरी के बीच आरएसएस कार्यवाह धीरज और डॉक्टर नीरज पाटीदार ने मिलकर तुरंत CPR देकर उनकी जान बचाई. सोनकच्छ पहुंचने पर यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर है. यह घटना मानवता की मिसाल बन गई.
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के इंदौर से भोपाल जा रही एक चार्टर बस में एक रियल-लाइफ हीरोइज़्म का नज़ारा देखने को मिला. यात्रा के दौरान अचानक एक 67 वर्षीय बुजुर्ग यात्री को हार्ट अटैक आ गया. हालांकि, बस में मौजूद यात्रियों की तत्परता, मानवीय संवेदना और संयम ने एक ज़िंदगी बचा ली. जानकारी के मुताबिक, यह घटना दोपहर करीब 2 बजे सोनकच्छ के पास हुई, जब बस इंदौर से भोपाल की ओर जा रही थी. अचानक बस में एक यात्री ने चिल्लाकर कहा- “इनको कुछ हो गया है!” बस में अफरा-तफरी मच गई, तभी पास ही बैठे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीधी जिले के नगर कार्यवाह धीरज ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए बुजुर्ग के पास पहुंचे. उन्होंने देखा कि व्यक्ति साँस नहीं ले रहे और हार्ट पंप करना बंद हो गया था.
बिना एक पल गंवाए धीरज ने CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया. धीरज लगातार ज़ोर से आवाज़ लगाते रहे — “कोई डॉक्टर है क्या बस में?” तभी उनकी आवाज सुनकर बस में यात्रा कर रहे डॉ. नीरज पाटीदार और उनके साथी डॉक्टर तुरंत मदद के लिए आगे आए.
उन्होंने मिलकर लगभग 4 से 5 मिनट तक लगातार CPR देकर मरीज को होश में लाने का प्रयास जारी रखा. उनके सामूहिक प्रयास का नतीजा यह हुआ कि कुछ ही देर में बुजुर्ग की साँसें लौट आईं और धीरे-धीरे उनका शरीर प्रतिक्रिया देने लगा,इस दौरान बस ड्राइवर ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत वाहन को सोनकच्छ स्थित श्याम हॉस्पिटल की ओर मोड़ दिया. वहां पहुँचते ही बुजुर्ग को भर्ती कराया गया और डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को स्थिर बताया. बाद में परिजनों को सूचना दी गई, जिन्होंने तुरंत इंदौर पहुँचकर उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कराया, जहाँ फिलहाल उनका इलाज चल रहा है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर बस में बैठे लोगों ने समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी होती, तो यह हादसा किसी त्रासदी में बदल सकता था. संघ के कार्यवाह धीरज और डॉ. नीरज पाटीदार की तत्परता और मानवीय संवेदना ने यह साबित कर दिया कि आपात स्थिति में थोड़ी हिम्मत और सही कदम किसी की ज़िंदगी बचा सकते हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल बस के यात्रियों को राहत दी बल्कि यह भी संदेश दिया कि समय पर की गई CPR ट्रेनिंग और जागरूकता जीवन रक्षा का सबसे बड़ा हथियार है.
बहरहाल हार्ट अटैक का शिकार हुए यात्री को CPR दे रहे डॉक्टर और धीरज के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन हिम्मत और सूझबूझ से उठाए गए कदम का परिणाम है कि डॉक्टर और धीरज ने मौत की दहलीज में पहुँच चुके यात्री को CPR देखकर जान बचा ली है, जो अब हर तेरे चर्चा का विषय है बल्कि यह एक प्रेरणादायक मामला निकलकर सामने आया है जहां ऐसी स्थिति पर लोगों को हिम्मत और सही कदम उठाकर लोगों की जान बचाई जा सकती है.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two and Half Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has…और पढ़ें
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