सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की विधि अध्ययनशाला में शिक्षकों की कमी और कक्षाएं नहीं लगने से नाराज विद्यार्थियों का गुस्सा शुक्रवार को फूट गया। आक्रोशित विद्यार्थियों ने पहले विधि अध्ययनशाला में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद वे विश्वविद्याल
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शुक्रवार सुबह विधि अध्ययनशाला के बीएएलएलबी के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने अध्ययनशाला के चैनल गेट पर ताला डालकर तालाबंदी कर दी। यहां करीब आधे घंटे तक विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। विद्यार्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमसे प्रत्येक सेमेस्टर की 30 हजार रुपए फीस ली जाती है लेकिन अध्ययनशाला में शिक्षक ही नहीं हैं। पिछले डेढ़ वर्ष से हमारी कक्षाएं नहीं लग रही हैं। जिसके कारण हमारी कुछ भी पढ़ाई नहीं हो पा रही है। विश्वविद्यालय द्वारा हमारे कॅरियर के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हजारों रुपए फीस लेकर शिक्षा देने के नाम पर केवल व्यापार किया जा रहा है। दोपहर करीब 12 बजे विद्यार्थी हाथों में तख्तियां लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन में जाकर धरने पर बैठे गए। विद्यार्थियों ने कुलगुरु से इस्तीफा देने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
इस दौरान जब कुलगुरु प्रो. भारद्वाज वहां आए तो उन्होंने विद्यार्थियों की समस्या का समाधान करने की बात कही। इस पर विद्यार्थी बोले कि आप हमें लिखित में दीजिए। इस बात को लेकर कुलगुरु के साथ विद्यार्थियों की तीखी बहस भी हुई। शाम को कुलगुरु अभा कालिदास समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए लेकिन उनके जाने के बाद भी शाम करीब 6 बजे तक विद्यार्थी प्रशासनिक भवन में धरना देकर बैठे रहे। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक विभाग में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक विभाग के ताले नहीं खोले जाएंगे। इधर, कुलसचिव डॉ. अनिलकुमार शर्मा ने बताया विधि अध्ययनशाला में प्रतिनियुक्ति पर दो नियमित प्राध्यापक हैं। इनके अलावा विजिटिंग फैकल्टी भी है। विद्यार्थी नियमित फैकल्टी की मांग कर रहे हैं।