MP में यहां की छात्राओं का गजब आविष्कार… बनाया नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट, बीमारियों से ऐसे करेगा बचाव

MP में यहां की छात्राओं का गजब आविष्कार… बनाया नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट, बीमारियों से ऐसे करेगा बचाव


No Chemical Herbal Product Invention: धार्मिक नगरी उज्जैन नें धर्म-कर्म के साथ में यहा के लोग पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास करते नज़र आ रहे है. इसी के तहत उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की साइंस छात्राओं ने भी एक नवाचार किया है. जिसकी अब पुरे शहर में चर्चा हो रही है. दरअसल, इन छात्राओं नें ऐसी चीज बनाई है. जो मार्केट मे महंगे दाम में बिकती है. इतना ही नहीं मार्केट मे मिलने वाले इन प्रोडक्ट से कई नुकसान भी समय-समय पर सामने आते हैं.

इन छात्राओं नें केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स की तुलना में नेचुरली तैयार किए गए उत्पाद बनाए हैं. इन प्रोडक्ट को फूरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी ने हरी झंडी भी दे दी है. छात्राओं द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट में एयर फ्रेशनर, साबुन, कीटनाशक, गुलाब जल और फैब्रिक सॉफ्टनर है. ये प्रोडक्ट मार्केट में मिलने वाले केमिकल युक्त उत्पादों से सस्ते हैं और त्वचा की कई बीमारियों से भी बचाव करेंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि यह बिना किसी केमिकल के तैयार हो रहे हैं.

रिसर्च स्कॉलर सारिका कानूनगो ने एक नो-केमिकल एयर फ्रेशनर विकसित किया है, जो पूरी तरह प्राकृतिक तत्वों से तैयार किया गया है. इस उत्पाद की जांच फूरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (FTIR) तकनीक से की गई है, जिससे इसकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता की पुष्टि हुई है. इस एयर फ्रेशनर में बीटा साइक्लो डेक्सट्रिन मॉलिक्यूल्स का उपयोग किया गया है, जिनमें 7 ग्लूकोज यूनिट्स मौजूद होती हैं. साथ ही इसमें एलोवेरा एसेंशियल ऑयल और सिट्रिक एसिड जैसे प्राकृतिक घटक शामिल हैं, जो इसे लंबे समय तक टिकने वाली और सुरक्षित खुशबू प्रदान करते हैं. यह इनोवेशन प्राकृतिक सुगंध का आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है.

गुलाब जल भी है खास 
छात्रा श्रुति यादव ने बताया कि उन्होंने हर्बल गुलाब जल तैयार किया है, जबकि छात्रा उजाला कुमारी ने नेचुरल साबुन बनाया है. श्रुति के अनुसार, गुलाब जल तैयार करने में सिर्फ एक घंटे का समय लगा, वहीं साबुन बनाने की प्रक्रिया में लगभग दो दिन लगे.दोनों उत्पाद पूरी तरह प्राकृतिक हैं और त्वचा के लिए बेहद लाभदायक माने जा रहे हैं. इनकी खासियत यह है कि ये मार्केट में मिलने वाले केमिकल युक्त उत्पादों की तुलना में न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि किफायती भी हैं.

यह प्रोडक्ट आपकी स्किन को पिंपल्स, एलर्जी और अन्य समस्याओं से बचाता है. इसमें प्राकृतिक फूलों का अर्क, नीम, एलोवेरा, विटामिन ई कैप्सूल और नारियल तेल जैसे प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया गया है. जो त्वचा को पोषण और ताजगी प्रदान करते हैं.साथ ही छात्राओं ने एक खास फैब्रिक कम्फर्ट भी तैयार किया है, जिसमें हल्के (माइल्ड) मेडिकल केमिकल का उपयोग किया गया है. यह आपके कपड़ों की गुणवत्ता को बनाए रखता है और उन्हें लंबे समय तक नया जैसा रखता है.

किन छात्राओं ने किया हर्बल प्रोडक्ट का अविष्कार 
दरअसल, यह छात्राएं विक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ स्टडीज इन केमेस्ट्री एंड बायो केमेस्ट्री डिपार्टमेंट से हैं. जो कि इन दिनों बीएससी सेकंड ईयर के सेकंड सेमेस्टर में है. इनके नाम अलीभा जेना, ऐश्वर्या सोलंकी, पायल परमार, श्रुति यादव, तान्या विश्वास है. वहीं, गेस्ट फैकल्टी में डॉ कोमल शर्मा, डॉ दर्शना मेहता, डॉ जयश्री जाधम एवं रिसर्च स्कॉलर सारिका कानुनगो शामिल हैं.

जानिए कैसे होता है तैयार 
उन्होंने बताया कि ये हर्बल नीम के पत्तों से तैयार किया गया है. हमने सबसे पहले नीम के पत्तों को तोड़ा फिर उसे पानी से धोया इसके बाद उसको पानी में रखकर 20 मिनट तक उबाला. इसके बाद उसके ठंडा होने के लिए कुछ देर के लिए छोड़ दिया. ठंडा हो जाने के बाद उसको छाना और उसमें 2 बूंद नीम आयल डाला. इस तरह कीटनाशक की एक छोटी स्पे बोतल तैयार हो गई है.



Source link