मंदसौर जिले के रिछा गांव में रविवार शाम को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब गांववासियों ने एक बंदर की उसी रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ अंतिम यात्रा निकाली, जैसे किसी मनुष्य की शवयात्रा निकाली जाती है।
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ग्रामीणों ने बैंड-बाजों के साथ उसकी शवयात्रा निकाली। गांव के लोग, महिलाएं और बच्चे सभी इस यात्रा में शामिल हुए। कुछ लोग ढोल-नगाड़ों पर नाचते गाते हुए बंदर को विदाई दे रहे थे, तो कुछ उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे। शवयात्रा पूरे गांव में घूमी और अंत में हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार बंदर का अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह बंदर लंबे समय से गांव में रहता था और सभी के बीच घुलमिल गया था। बच्चों के साथ खेलता और लोगों के घरों में आता-जाता था, इसलिए उसकी मौत से पूरा गांव भावुक हो गया।


