आरटीओ: ISBT से ही चलेंगी बसें ऑपरेटर-पुराने स्टैंड से ही चलाएंगे – Gwalior News

आरटीओ:  ISBT से ही चलेंगी बसें ऑपरेटर-पुराने स्टैंड से ही चलाएंगे – Gwalior News



मुरैना लिंक रोड पर नवनिर्मित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से सोमवार को मुरैना और भिंड के लिए सवारी बसें चलेंगी या नहीं? इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। परिवहन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि बीते दिनों हुई बैठक के अनुसार 10 नवंबर (सोमव

.

वहीं बस ऑपरेटर अभी आईएसबीटी से बसें चलाने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि आईएसबीटी परिसर और उससे बाहर अब तक जरुरी व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं। जिससे यात्री और बस ऑपरेटरों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बीते दिनों कलेक्टर रुचिका चौहान एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बस ऑपरेटरों के साथ बैठक की थी। जिसमें तय हुआ था कि 10 नवंबर से आईएसबीटी चालू होगा और मुरैना, भिंड की बसें यहीं से चलेंगी।

दोनों के अपने-अपने तर्क बीते दिनों हुई बैठक में तय किया गया था कि 10 नवंबर से भिंड और मुरैना की बसें आईएसबीटी से चलाई जाएंगी। जिसके लिए तैयारी की गई है। भिंड रूट की बसें गोले का मंदिर होकर आएंगी-जाएंगी। -विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ

आईएसबीटी में निर्माण कार्य और सुविधाएं, व्यवस्थाएं अधूरी हैं। ऐसी स्थिति में हम लोग 10 नवंबर से बसें आईएसबीटी से नहीं चलाएंगे। पहले वहां सभी व्यवस्थाएं की जाएं तब तक पुराने बस स्टैंड से बसें चलाई जाएंगी। – बलवीर सिंह तोमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष/ मप्र रोडवेज बस ऑपरेटर यूनियन ग्वालियर चंबल

नगर निगम ने कर ली पूरी तैयारी

आईएसबीसी से बसों का संचालन को लेकर निगम ने अपनी तैयारी पूरी कर ली। रविवार को तैनात कर्मचारियों को भिंड-मुरैना जाने वाली बसों को कैसे रवाना करना है इसकी जानकारी दी।

बस संचालन में सामने आए अड़ंगे

  • सिटी बस/ टेंपो: शहर में अभी सिटी बसें चालू नहीं हो सकी हैं। जिस कारण शहर के विभिन्न स्थानों से आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध नहीं है। वहीं टेंपो के कुछ रूट मल्लगढ़ा तिराहे तक जरुर बने हैं। लेकिन वहां तक टेंपो नहीं चल रहे। ऐसी स्थिति में बस से सफर करने वालों को ऑटो के किराए में ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
  • किराया: शासन के नियमानुसार सवारी बसों में किराया किलोमीटर के हिसाब से तय होता है और फिर उसका गजट जारी होता है। जिसके बाद बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि पर निर्धारित किराया सूची चस्पा होती है। लेकिन सवारियों के लिए रेलवे स्टेशन के पास वाले बस स्टैंड का ही किराया लागू है।
  • यात्री: बस ऑपरेटरों की चिंता है कि जब आईएसबीटी तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं चल रहा है तो यात्री वहां तक कैसे पहुंचेंगे। क्योंकि रेलवे स्टेशन के पास स्थित बस स्टैंड से अभी करीब 175 बसें चलती हैं। जिनमें से 18 बसें ऐसी हैं, जो कि यहीं से पूरी भर जाती हैं। लेकिन मुख्य शहर से अधिक दूरी के कारण आईएसबीटी पर इतनी संख्या में यात्री मिलने की संभावना कम है।



Source link