प्रीत शर्मा(मंदसौर)
Onion Price: मध्य प्रदेश की मंदसौर कृषि उपज मंडी में प्याज के दाम किसानों को खून के आंसू रुला रहे हैं. हालात इतने खराब हैं कि कई किसानों ने अपनी खड़ी फसल को खेतों में ही नष्ट करना शुरू कर दिया है. आज मंदसौर मंडी में प्याज का भाव 1 रुपये से लेकर अधिकतम 7 रुपये प्रति किलो तक ही मिल पा रहा है, जिससे किसानों की लागत तो दूर, मंडी तक आने का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा है.
1.70 रुपये किलो बिका प्याज
न्यूज18 की टीम ने जब मंडी में मौजूद किसानों से बात की, तो उनका दर्द छलक पड़ा. बरखेड़ा वीरपुरिया से आए एक किसान ने बताया कि उन्होंने ट्रैक्टर का 1000 रुपये किराया दिया, लेकिन उनका प्याज सिर्फ 170 रुपये प्रति क्विंटल (यानी 1.70 रुपये किलो) बिका. किसान ने कहा कि मैंने कटाई के 1700 रुपये दिए और मुझे कुल 700 रुपये ही मिलेंगे. लागत तो छोड़िए, जेब से घाटा जा रहा है.
कटाई 100 रु. क्विंटल
एक अन्य किसान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्याज की कटाई का खर्च ही 100 रुपये क्विंटल आ रहा है, और मंडी में भाव 100 से 150 रुपये मिल रहा है. 80 किलोमीटर दूर बरखाड़ा कला से आए रामू मंगोलिया ने 3000 रुपये किराया देकर 10-12 क्विंटल प्याज 2 रुपये किलो के भाव से बेचा. उन्होंने कहा कि ऐसी खेती करने से क्या फायदा? राजगढ़ जिले से 30 क्विंटल प्याज लेकर आए रिजवान मंसूरी को 5.80 रुपये किलो (580 रु. क्विंटल) का भाव मिला. उन्होंने कहा कि मेरा 7000 रुपये तो सिर्फ गाड़ी के किराए में ही लग गया. सारे पैसे चले गए.
लागत नहीं मिल रही
किसानों ने सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए. रिजवान ने कहा कि सरकार ने बोला था किसानों की आय दुगनी होगी, कुछ भी नहीं हुआ. बस बड़े-बड़े भाषण देते हैं, वादे करते हैं, लेकिन कुछ भी नहीं दिख रहा है और किसान परेशान है.
खेत में ही नष्ट कर दी फसल
भाव न मिलने से हताश कई किसान अब फसल को मंडी लाने के बजाय खेत में ही नष्ट कर रहे हैं. रेवाज देवड़ा के एक किसान ने बताया कि उन्होंने एक बीघे के प्याज में 32,000 रुपये का खर्च किया था. भाव न मिलने पर उन्होंने पूरी फसल खेत में ही नष्ट कर दी और लोगों से कहा कि प्याज मुफ्त में ले जाओ. उन्होंने कहा कि यह सरकार व्यापारियों की है या किसानों की? जब प्याज 50 रुपये किलो होता है तो सबका जायका बिगड़ जाता है, आज किसान की जिंदगी बिगड़ रही है, उसे कौन देख रहा है?
किसानों ने खाद के लिए लाइनों में लगने और सिंचाई के लिए रात में 1:30-2:00 बजे बिजली मिलने जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया. उनका साफ तौर पर कहना है कि प्याज के जो दाम इन दिनों मिल रहे हैं, उससे लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है, जिससे किसान पूरी तरह बर्बाद हो गया है.