नारायण गुप्ता(कटनी),
मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. यहां एक 14 वर्षीय बच्चे आर्यन मिश्रा के चेहरे पर एक तेज पटाखा फट गया, जिससे उसका पूरा चेहरा चकनाचूर हो गया. उसकी आंखों, नाक और जबड़े की हड्डियां बिखर गईं. तेज धमाके की आवाज सुनते ही आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे, जहां आर्यन खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था.
खेल-खेल में हुआ हादसा
झिंझरी चौकी प्रभारी राजेश दुबे ने बताया कि झिंझरी पुलिस लाइन में रहने वाले एएसआई विवेक कुमार मिश्रा के 14 वर्षीय बेटे आर्यन मिश्रा ने 5 नवंबर को खेल-खेल में एक तेज पटाखा फोड़ने की कोशिश की. तभी अचानक पटाखा ब्लास्ट हो गया. धमाका इतना भयानक था कि बच्चे के चेहरे की पूरी हड्डियां चकनाचूर हो गईं. बच्चे की गंभीर हालत देख स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत कटनी के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए. फर्स्ट एड के बाद, डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे तत्काल जबलपुर ले जाने की बात कही.
नामुमकिन ऑपरेशन को डॉक्टरों ने कर दिखाया
जानकारी के मुताबिक, गंभीर हालत में आर्यन मिश्रा को जबलपुर के एक निजी अस्पताल लाया गया. यहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राहुल चतुर्वेदी और प्लास्टिक सर्जरी की टीम ने मिलकर करीब ढाई घंटे तक लगातार एक बेहद जटिल ऑपरेशन किया.
डॉक्टरों के मुताबिक, आर्यन के चेहरे की करीब 108 हड्डियां क्रैक हो चुकी थीं. नाक, मुंह, आंखों के आसपास की हड्डियां और जबड़ा तक बुरी तरह टूट चुका था. ब्लास्ट के असर से खून और गैस उसकी श्वसन नली तक पहुंच गई थी, जिससे आर्यन सांस भी नहीं ले पा रहा था.
डॉक्टरों ने उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखते हुए पहले ब्लीडिंग को कंट्रोल किया और फिर टूटी हुई हड्डियों को प्लेट्स लगाकर जोड़ा. डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि जिस हालत में बच्चा लाया गया था, उसमें उसका बच पाना लगभग नामुमकिन था, लेकिन पूरी टीम ने लगन से काम किया और आखिरकार बच्चे की जान बचाने में सफल रहे.
खतरे से बाहर है आर्यन
घायल बच्चे के पिता एएसआई विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि आर्यन की हालत अब खतरे से बाहर है. उसे 9 नवंबर को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चा अब धीरे-धीरे रिकवर कर रहा है. उम्मीद है कि वह कुछ दिनों में बोलना भी शुरू कर देगा.
वहीं, घटना की सूचना के बाद पहुंची झिंझरी चौकी पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. एक जानकारी के मुताबिक, बच्चे की मानसिक स्थिति उतनी बेहतर नहीं है, जितनी आम बच्चों की होती है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतना बड़ा और खतरनाक पटाखा आखिर उसके पास कैसे पहुंचा? पुलिस इसी एंगल से मामले की जांच कर रही है. फिलहाल, आर्यन की बहादुरी और डॉक्टरों की मेहनत ने इस भयावह हादसे को एक चमत्कारिक कहानी में बदल दिया है, जहां 14 साल का यह बच्चा मौत के मुंह से वापस ज़िंदगी की ओर लौट आया है.