शव वाहन न मिलने की वजह से परिवार आटो में शव रखकर अस्पताल पहुंचा।
दमोह के धरमपुरा वार्ड स्थित कब्रिस्तान में मंगलवार सुबह एक मजदूर लखन आदिवासी का शव मिला। मृतक तेजगढ़ थाना क्षेत्र के कांकर गांव का निवासी था। परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई है।
.
प्लॉट की बिक्री का सौदा तय करने गया था मजदूर
लखन आदिवासी पटेरा में एक किसान के यहां फसल की रखवाली कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। रविवार को वह अपने गांव कांकर में अपने प्लॉट की बिक्री का सौदा तय करने गया था। करीब डेढ़ हजार रुपए लेकर वह सोमवार शाम कांकर गांव से पटेरा के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा।
बेटा बोला-पिता के शरीर पर चोट के निशान
मृतक के बेटे रत्तू आदिवासी ने बताया कि सोमवार शाम उनके पिता पटेरा के लिए निकले थे और रात 9 बजे तक घर पहुंचने की बात कही थी। जब वे नहीं पहुंचे तो परिवार ने सोचा कि वे गांव में रुक गए होंगे। मंगलवार सुबह दमोह पुलिस ने परिवार को सूचना दी, जिसके बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे।
रत्तू आदिवासी ने बताया कि उनके पिता शराब पीते थे, लेकिन जिस कब्रिस्तान में उनका शव मिला है, वहां उनके हाथ, पैर और मुंह पर चोट के निशान थे। इन निशानों को देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है।
मजदूरी करके अपना गुजारा करता है पूरा परिवार
लखन आदिवासी के चार बेटे हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है और तीन अविवाहित हैं। पूरा परिवार मजदूरी करके अपना गुजारा करता है।
शव कब्रिस्तान से लाने के लिए नहीं मिला शव वाहन
जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन को कई बार सूचना देने के बावजूद उनके पिता का शव कब्रिस्तान से लाने के लिए शव वाहन नहीं भेजा गया। उन्हें मजबूरन ऑटो में शव रखकर अस्पताल लाना पड़ा। यहां भी उन्हें पोस्टमार्टम के लिए इंतजार करना पड़ा।
इस मामले में जिला अस्पताल के प्रबंधक सुरेंद्र सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।