शिमला जितना ठंडा भोपाल…इंदौर में मसूरी से ज्यादा सर्दी: MP के 14 जिलों में आज शीतलहर का अलर्ट; अगले 2 दिन तेज सर्दी – Bhopal News

शिमला जितना ठंडा भोपाल…इंदौर में मसूरी से ज्यादा सर्दी:  MP के 14 जिलों में आज शीतलहर का अलर्ट; अगले 2 दिन तेज सर्दी – Bhopal News


9 और 10 नवंबर की रात भोपाल में 8.8 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया।

मध्यप्रदेश के शहरों में पहाड़ों से भी ज्यादा सर्दी है। भोपाल, शिमला जितना ठंडा है तो इंदौर में मसूरी-देहरादून से ज्यादा सर्दी है। कोल्ड वेव यानी, शीतलहर की वजह से प्रदेश के कई जिलों में दिन में भी ठिठुरन है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर समेत 14 जिलों में क

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मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, उत्तरी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इस वजह से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है। इस वजह से ठंड का असर बढ़ा है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर और राजगढ़ में सीवियर कोल्ड वेव (तीव्र शीतलहर) और शाजापुर, सीहोर, देवास, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, मंडला, रीवा, मऊगंज, मैहर, शहडोल में शीतलहर चलेगी। वहीं, बालाघाट में पारे में खासी गिरावट देखने को मिलेगी।

सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर, राजगढ़ भी ठिठुरा मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। इसका असर मध्यप्रदेश में भी है। खासकर प्रदेश का उत्तरी हिस्सा ठिठुर रहा है। इस कारण नवंबर में ही पारा रिकॉर्ड लुढ़का है। रविवार-सोमवार की रात 11 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 7.2 डिग्री दर्ज किया गया।

राजगढ़ में 7.6 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में तापमान 8.8 डिग्री, इंदौर में 7.9 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

IMD के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में ही शिमला में पारा 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, जितना शिमला में रात का तापमान था, उतना भोपाल में भी रहा। वहीं, इंदौर में पारा 7.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इस हिसाब से देहरादून (11.7 डिग्री), मसूरी (8.6 डिग्री) और शिमला (8.8 डिग्री) इंदौर से पीछे रहे।

उमरिया, बैतूल, रीवा भी ठंडे पिछले तीन दिन से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में ही तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी हिस्से में भी पारा लुढ़क रहा है। रविवार-सोमवार की रात में उमरिया में 8.5 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट)-रीवा में 9.1 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री तापमान रहा।

इसी तरह मंडला में 10.1 डिग्री, गुना-शिवपुरी में 11 डिग्री, दमोह-सतना में 11.2 डिग्री, सीधी में 11.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 11.5 डिग्री, दतिया में 11.6 डिग्री, रतलाम में 12 डिग्री, धार में 12.1 डिग्री, सागर में 12.6 डिग्री, खजुराहो में 13 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पचमढ़ी में इन सभी शहरों से ज्यादा 14.2 डिग्री रहा।

मौसम विशेषज्ञ बोले- इस बार ज्यादा दिन तक पड़ेगी तेज सर्दी मौसम विशेषज्ञ पीके शाह ने बताया, पहाड़ों की बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में देखने को मिल रहा है। इस वजह से ही पारे में खासी गिरावट हुई है। आम तौर पर प्रदेश में तेज सर्दी का असर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होता है, जो जनवरी के आखिरी तक रहता है, लेकिन इस बार हिमालय क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक सप्ताह पहले ही एक्टिव हो गए। इस वजह से नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। यदि वेस्टर्न डिस्टरबेंस ऐसे ही एक्टिव रहते हैं तो प्रदेश में तेज सर्दी 75 दिन की बजाय 80 से 85 दिन तक रह सकती है।

9 और 10 नवंबर की रात नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

9 और 10 नवंबर की रात नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

इस बार 25 साल का रिकॉर्ड टूटा नवंबर के दूसरे ही सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कई शहरों में रिकॉर्ड टूट गए हैं। राजधानी भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री पहुंच चुका है, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा चुका है। इंदौर में पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है। जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था।

दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। सोमवार को ज्यादातर शहरों में पारा 28 डिग्री से नीचे ही रहा। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ शाह ने बताया कि दिन में धूप निकलने से पारा बढ़ा है। धूप न निकलने की स्थिति में दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज हो सकती है।

नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है।

वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा।

अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड का असर बढ़ेगा। हुआ भी वैसा ही। पारे में खासी गिरावट देखने को मिल रही है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम…

भोपाल: 10 साल में 3 बार बारिश हो चुकी नवंबर में राजधानी में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार भी दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से लुढ़केगा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था। इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।

इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री के बीच रहता है। हालांकि, 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा था पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक पहुंच चुका है, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री के बीच रहता है। इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है।

जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिश पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।

उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11° के बीच रहता है यहां 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के बीच रहा है, जबकि दिन में यह 33 से 35 डिग्री के बीच पहुंच चुका है।



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