Last Updated:
Anti Blast Vehicle: मध्यप्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर भारतीय सेना के लिए ऐसे वाहन बना रही है, जहां सेना के हौसले बुलंद हो रहे हैं और वाहन दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हो रहे हैं. जहां जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री ने ऐसा व्हीकल बनाया गया है, जब नीचे से कोई ब्लास्ट होगा, तब ब्लास्ट का असर व्हीकल पर नहीं होगा.
Jabalpur News: मध्यप्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में व्हीकल फैक्ट्री भारतीय सेना के ऐसे वाहन बना रही है, जहां सेना के हौसले बुलंद हो रहे हैं और वाहन दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार हो रहे हैं. जहां जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री ने ऐसा व्हीकल बनाया है, जब नीचे से कोई ब्लास्ट होगा, तब ब्लास्ट का असर व्हीकल पर नहीं होगा. बल्कि विस्फोटक ही दो हिस्सों में बट जाएगा.
इन व्हीकल को मोटे लोहे से बनाया गया है. ब्लास्ट होने के बावजूद व्हीकल में बैठा सैनिक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. इतना ही नहीं इस व्हीकल के कांच पूरी तरीके से बुलेट प्रूफ हैं. दूसरी तरफ व्हीकल के टायर भी गोली से पंचर नहीं होते. व्हीकल में नटों के स्टैंडर्ड से भी कहीं ज्यादा ब्लास्ट झेलने की कैपेसिटी है.
न जमीन और न ही आसमान से होगा नुकसान
व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में रिसर्च और डेवलपमेंट में काम करने वाले इंजीनियर विवेक सिंह ने बताया फैक्ट्री में विपरीत परिस्थितियों में भी लड़ने की क्षमता रखने वाले व्हीकल को तैयार किया जा रहा है. जहां गाड़ियों में बैठे लोग न तो जमीन के नीचे बिछी हुई लैंड माइन से प्रभावित होंगे और न ही आसमान से गिरने वाली छोटी या फिर बड़ी मिसाइल से. इस वाहन में बैठने के बाद किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. खास बात यह है कि व्हीकल पूरी तरीके से स्वदेशी है.
पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्र में हो चुका है टेस्ट
उन्होंने बताया व्हीकल को सीआरपीएफ और भारतीय सेना के साथ पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्र सभी जगह टेस्ट किया जा चुका है. जहां जबलपुर व्हीकल फैक्ट्री में बना यह व्हीकल कहीं फेल नहीं हुआ. अगर बनावट की बात की जाए, तो अगर नीचे से भी कोई ब्लास्ट होता है, तब ब्लास्ट का असर व्हीकल पर नहीं होता. लिहाजा 2000 से अधिक व्हीकल भारतीय सेना जबलपुर व्हीकल फैक्ट्री से ले चुकी है. लगभग डेढ़ करोड़ से लेकर 2 करोड़ की कीमत इन व्हीकल की है.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,… और पढ़ें