Street Food: पोहा-जलेबी नहीं… इंदौर का ये नाश्ता भी फेमस, अकेले इस दुकान पर रोज 1 क्विंटल साबूदाने की खपत

Street Food: पोहा-जलेबी नहीं… इंदौर का ये नाश्ता भी फेमस, अकेले इस दुकान पर रोज 1 क्विंटल साबूदाने की खपत


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Indore Famous Street Food: इंदौर में नाश्ते की बात हो तो पोहा-जलेबी का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन, यहां की साबूदाना खिचड़ी भी कम नहीं. इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अकेले एक दुकान पर रोज एक क्विंटल साबूदाने की खपत होती है.

Indore Street Food: फूड कैपिटल ऑफ इंडिया यानी इंदौर, जब भी इस शहर का नाम आता है और बात होती है स्ट्रीट फूड की तो पोहा-जलेबी को जरूर याद किया जाता है. लेकिन, बहुत कम लोगों को पता है कि जलेबी के अलावा एक ऐसा नाश्ता भी है, जो इंदौर में आपको कई ठेलों पर मिल जाएगा. ये स्वादिष्ट इतना कि एक प्लेट में आपका मन नहीं भरेगा. हां, पेट जरूर भर जाएगा. हम बात कर रहे हैं इंदौर की लजीज साबूदाना खिचड़ी की. यह व्यंजन सिर्फ उपवास के दौरान ही नहीं, बल्कि एक लोकप्रिय स्ट्रीट फूड के रूप में भी इंदौरियों के दिल पर राज करता है.

ऐसे होती है खिचड़ी तैयार
इंदौर में भोलेनाथ फरियाली साबूदाने की खिचड़ी की सबसे बड़ी विशेषता इसका कम तेल या ‘भाप में पकाया जाना’ है, जो इसे हल्का और आसानी से पचने योग्य बनाता है. हालांकि, इतनी आसानी से नहीं बनती यह खिचड़ी. दिन भर खौलते पानी पर रखी रहती है. यह अन्य क्षेत्रों की चिपचिपी खिचड़ी के विपरीत, एकदम खिली-खिली और मोती जैसी दानेदार होती है. इसका स्वाद नमकीन, मीठा, खट्टा और तीखे का एक अद्भुत मिश्रण है, जो इसे एक अनूठा जायका देता है.

खिचड़ी में पड़ते इतने आइटम 
इसकी लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि भोलेनाथ फरियाली पर एक दिन में एक क्विंटल साबूदाने की खिचड़ी बिक जाती है. जैसे इंदौर के लोगों हर चीज़ में सेंव चाहिए, ठीक वैसे ही इस खिचड़ी में आलू के चिप्स की पपड़ी, अनारदाना, धनिया, नींबू, स्पेशल मसाला समेत कई चीज डाली जाती है. इससे ये खिचड़ी सबसे अलग बनाती है.

घर पर कैसे बनाएं 
साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहले घी में जीरा और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है. इसके बाद उबले आलू के टुकड़े डालकर सुनहरा होने तक भूनें. अब भिगोए हुए साबूदाने, मूंगफली पाउडर, सेंधा नमक, काली मिर्च और थोड़ी सी शक्कर डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. इसे धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि साबूदाना पारदर्शी न हो जाए और सारे मसाले उसमें समा न जाएं. अगर भाप में पकाया गया है, तो ये मिश्रण भाप वाले साबूदाने में मिलाया जाता है.

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें

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