नई दिल्ली. दिल्ली के क्रिकेट इतिहास में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दिन घाटी की टीम उन्हें उनके ही खेल के मैदान पर मात दे देगी. लेकिन रणजी ट्रॉफी 2025 में वही हुआ जब जम्मू-कश्मीर ने 65 साल बाद दिल्ली को हराकर पूरे भारतीय क्रिकेट सर्किट में तहलका मचा दिया. यह जीत सिर्फ एक स्कोरकार्ड की बात नहीं थी, यह उस जुनून की जीत थी जो बर्फ़ से ढके पहाड़ों के बीच पलता है. यह उस सपने की जीत थी जो डल झील के किनारे बल्ले और गेंद की आवाज़ के साथ बड़ा हुआ है.
पिछले कुछ सालों में जिस राज्य में पहले बम बारूद की बात होती था आतंकवाद वहां कि पहचान थी उसी जगह की पहचान अब बैट-और बॉल बनता जा रहा है वहां के खिलाड़ी लगातार भारतीय टीम में आने की दस्तक दे रहा है और ये कहने में अब कोई गुरेज नहीं कि धीरे धीरे जम्मू-कश्मीर एक बड़ा क्रिकेट हब बनता जा रहा है.
कामरान-नबी ने जमाया सिक्का
रणजी सीजन 2025-26 में आबिद नबी की आग उगलती गेंदों ने विरोधी बल्लेबाज़ों को चारों खाने चित्त कर रही है जिससे अछूती दिल्ली भी नहीं रही. उन्होंने न सिर्फ विकेट झटके, बल्कि ऐसी लाइन-लेंथ दिखाई कि देखने वाले हैरान रह गए जैसे घाटी की ठंडी हवा में आग समा गई हो. दिल्ली के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में 5 विकेट हॉल लिया. खास बात ये है कि इस मैच में आकिब ने 4 बल्लेबाजों को खाता खोलने तक का मौका नहीं दिया. आकिब अपने आखिरी 6 मैच में 4 बार 5 विकेट हॉल ले चुके हैं.
दूसरी ओर, कामरान इक़बाल ने अपने बल्ले से दिल्ली की उम्मीदों को तोड़ दिया. उनके हर शॉट में आत्मविश्वास झलक रहा था मानो कह रहे हों, “अब कश्मीर सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं, क्रिकेट के लिए भी जाना जाएगा. कामरान ने 13 प्रथम श्रेणी मैचों में 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाते हुए 692 रन बनाए हैं. दिल्ली के खिलाफ उन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ (नाबाद 133 रन) पारी खेली. 15 लिस्ट ए मैचों में 1 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 449 और 19 टी20 मैचों में 2 अर्धशतक लगाते हुए 483 रन उन्होंने बनाए हैं.
परवेज़ से उमरान तक, और अब नई लहर
कश्मीर ने पहले भी भारत को नगीने दिए हैं परवेज़ रसूल की क्लास, उमरान मलिक की रफ़्तार और अब यह नई जोड़ी आबिद-इक़बाल की सनसनी. हर गुजरते साल के साथ घाटी के युवाओं में क्रिकेट का बुखार बढ़ता जा रहा है. स्थानीय मैदानों में सर्द हवाओं के बीच सुबह-सुबह नेट प्रैक्टिस करने वाले बच्चों का जुनून अब देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीत रहा है. बीसीसीआई के टैलेंट हंट कैंप में अब कश्मीर से खिलाड़ी लगातार नज़र आ रहे हैं। कोचों का मानना है कि यहां के लड़कों में फिटनेस, फोकस और फ़ास्ट बॉलिंग का जबरदस्त कॉम्बिनेशन है.
कश्मीर भारतीय क्रिकेट का नया हॉटस्पॉट
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन ने पिछले कुछ सालों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया है. श्रीनगर और जम्मू में स्टेडियमों का कायाकल्प हुआ है, नई पिचें तैयार की गई हैं, और कोचिंग कैंप्स ने स्थानीय प्रतिभा को निखारने का मौका दिया है. अब यहां सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि दर्शक भी क्रिकेट के दीवाने बन चुके हैं। रणजी मैचों में स्टैंड्स खचाखच भरे रहते हैं, और हर विकेट पर गूंजता है चलो कश्मीर, जीत लो रणजी.
65 साल बाद दिल्ली को हराना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं यह कश्मीर के क्रिकेट इतिहास का गर्व भरा अध्याय है.
यह बताता है कि भारत का हर कोना अब क्रिकेट की नई कहानियां लिख रहा है. और इसी कड़ी में नया नाम है कश्मीर. वो अब सिर्फ “धरती का स्वर्ग” नहीं रहा वो बन रहा है “क्रिकेट का नया कारखाना.