हॉस्टल से गिरा MBBS छात्र, इंटरनल ब्लीडिंग,ऑर्गन डैमेज से मौत: अघोषित रूप से हॉस्टल में रुका था; परिजन बोले- खुदकुशी नहीं कर सकता है – Gwalior News

हॉस्टल से गिरा MBBS छात्र, इंटरनल ब्लीडिंग,ऑर्गन डैमेज से मौत:  अघोषित रूप से हॉस्टल में रुका था; परिजन बोले- खुदकुशी नहीं कर सकता है – Gwalior News


ग्वालियर में संदिग्ध हालात में हॉस्टल की बिल्डिंग से गिरकर मेडिकल स्टूडेंट की मौत के मामले में पुलिस को शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है। एमबीबीएस स्टूडेंट की कोहनी में चोट है। पीठ के बल गिरने से पेट में गंभीर चोट लगी, जिससे लिवर सहित मल्टी ऑर्गन

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घटना से पांच मिनट पहले वह रूम पार्टनर (प्रवीण सहरिया) से मिलकर गया था और बोला था- ‘अभी आता हूं।’ यह भी पता लगा है कि मृतक को अभी कोई रूम अलॉट नहीं हुआ था, वह अघोषित रूप से रह रहा था। यदि वह कूदता तो उसका मोबाइल उसके साथ होता। अब मृतक का मोबाइल पुलिस के पास है, जिसे अनलॉक कर पुलिस किसी गर्लफ्रेंड की आशंका को दूर करने की कोशिश कर रही है।

हॉस्टल का वह इलाका जहां छात्र गिरा।

रूम पार्टनर ने पुलिस को सुनाई यह कहानी

मृतक मेडिकल स्टूडेंट यशराज उइके (21) निवासी रानीपुरा, बैतूल का पिछले महीने ही ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हुआ था। दीपावली पर वह अपने घर पूजन के लिए चला गया था। 27 अक्टूबर को वह वापस ग्वालियर लौटा था। अभी तक उसे रविशंकर हॉस्टल में कोई रूम अलॉट नहीं हुआ था।

वह मेडिकल स्टूडेंट प्रवीण सहरिया के रूम में अघोषित रूप से रह रहा था। एक-दो बार गार्ड्स ने उसे टोका भी था, लेकिन उसने दोस्त से मिलने की बात कहकर अंदर आ गया था।

मृतक के रूम पार्टनर प्रवीण ने पुलिस को बताया कि घटना से पांच मिनट पहले यशराज उससे मिलकर गया था। वह कह रहा था “अभी आ रहा हूं।” इसके बाद किसी के नीचे गिरने की आवाज आई। हॉस्टल में सभी इधर-उधर भाग रहे थे। कुछ छात्र छत की ओर दौड़े तो यशराज का मोबाइल मिला, जिसे उन्होंने उसके रूम पार्टनर को दिया। बाद में मोबाइल पुलिस के कब्जे में आया।

21 वर्षीय यशराज उइके ने इसी साल नीट का एग्जाम क्लियर किया था।

21 वर्षीय यशराज उइके ने इसी साल नीट का एग्जाम क्लियर किया था।

पिता बोले- हर दिन होती थी बात, कल ही नहीं आया कॉल

बेटे को डॉक्टर बनाकर अपना सपना पूरा करने के लिए यशराज के पिता पंचम उइके ने बहुत मेहनत की थी। जब बेटे के हॉस्टल की बिल्डिंग से गिरने की खबर मिली तो वे बैतूल से सीधे ग्वालियर पहुंचे। यहां पता लगा कि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। बेटे की मौत के साथ उनका सपना भी चकनाचूर हो गया।

यशराज के पिता पंचम उइके ने कहा कि ऐसा एक भी दिन नहीं बीतता था जब वह हमसे कॉल पर बात न करे। लेकिन कल (सोमवार) ही उसका कॉल नहीं आया। अजीब लगा, पर सोचा- शायद व्यस्त होगा, इसलिए हमने भी उसे कॉल कर परेशान नहीं किया। पर यह नहीं पता था कि अब उसका कभी कॉल नहीं आएगा।

परिजन बोले- नहीं कर सकता खुदकुशी, कुछ तो हुआ है

यशराज के पिता, बहन और मां का कहना है कि यशराज इतना कमजोर नहीं था कि वह खुदकुशी कर ले। इसलिए यह तो साफ है कि उसके साथ कुछ न कुछ हुआ है। वह अगर गिरा है, तो उसके शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं है। ऐसे में हम कैसे मान लें कि उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ। परिजनों ने रैगिंग का कोई आरोप नहीं लगाया है।

पुलिस को मिली शॉर्ट पीएम रिपोर्ट

मामले की जांच झांसी रोड थाना पुलिस कर रही है। पुलिस को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि मृतक यशराज के शरीर की कोहनी में चोट थी। पैर में, घुटने के पीछे के भाग में निशान हैं। ऐसी आशंका है कि वह रेलिंग पर पैर लटकाकर बैठा होगा। पास ही मोबाइल रखा होगा और वह उल्टा नीचे गिर गया।

पीठ के बल गिरने पर कोहनी में चोट लगी और पेट पर पूरा दबाव पड़ा, जिससे पेट में मल्टी ऑर्गन, जिनमें लिवर भी शामिल है, डैमेज हुआ। इंटरनल ब्लीडिंग के चलते इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आज (बुधवार) डॉक्टर पुलिस को विस्तृत पीएम रिपोर्ट के बारे में बताएंगे।

इतना बड़ा स्पॉट, नहीं बुलाया फॉरेंसिक एक्सपर्ट

मेडिकल कॉलेज के रविशंकर बॉयज हॉस्टल में MBBS स्टूडेंट की संदिग्ध हालात में हॉस्टल की बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई। हालात पूरी तरह संदिग्ध थे, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अफसरों ने स्पॉट पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट को जांच के लिए नहीं बुलाया।

जबकि स्पॉट पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में पुलिस यह गुत्थी सुलझा सकती थी कि जब गार्ड्स ने छात्र को देखा, तो वह किस तरह पड़ा था। पुलिस को घटना का सीन रिक्रीएशन भी करना चाहिए था, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्र खुद गिरा या उसे धक्का दिया गया।

मृतक की मां को समझाती मेडिकल कॉलेज की छात्राएं

मृतक की मां को समझाती मेडिकल कॉलेज की छात्राएं

नीट क्लियर कर इस साल लिया था MBBS में दाखिला

बैतूल के रानीपुर स्थित घोड़ाडोंगरी निवासी 21 वर्षीय यशराज उइके पुत्र पंचम उइके ने इसी साल नीट का एग्जाम क्लियर किया था। उसे ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला था। दीपावली के बाद वह अभी 27 अक्टूबर को बैतूल से ग्वालियर आया था। वह MBBS फर्स्ट प्रॉब (फर्स्ट ईयर) का स्टूडेंट था। यहां रविशंकर शुक्ल जूनियर बॉयज हॉस्टल के फर्स्ट फ्लोर पर वह अपने दोस्त प्रवीण सहरिया निवासी गुना के साथ अघोषित रूप से रह रहा था।

उसे अभी हॉस्टल में कोई रूम नहीं मिला था। सोमवार रात करीब 9.45 बजे प्रवीण अपने रूम में था और यह रूम के बाहर ओपन एरिया में था। तभी अचानक वह संदिग्ध हालात में हॉस्टल की बिल्डिंग से नीचे बरामदे के एरिया में गिर गया, जबकि उसके रूम पार्टनर को पता भी नहीं लगा।

नीचे जब उसके गिरने की आवाज आई तो ड्यूटी पर तैनात गार्ड्स दौड़कर पोर्च में पहुंचे तो यह मेडिकल स्टूडेंट पड़ा हुआ था। कपिल कुमार नाम के गार्ड ने हॉस्टल वार्डन व अन्य छात्रों को सूचना दी। तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां उसकी डेथ हो गई है।

हॉस्टल वार्डन बोले- कैसे गिरा, यह जांच का विषय

इस मामले में रवि शंकर शुक्ल हॉस्टल के वार्डन सुरेन्द्र यादव ने बताया कि छात्र कैसे गिरा, यह जांच का विषय है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक स्टूडेंट रूम पार्टनर प्रवीण से पांच मिनट पहले ही मिलकर गया था। उसके बाद उसके गिरने की आवाज आई। इसके अलावा कुछ लोग रैगिंग का नाम ले रहे हैं तो यह पूरी तरह अफवाह है, ऐसा कुछ भी नहीं है।

झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया

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मेडिकल स्टूडेंट की मौत पेट में इंटरनल ब्लीडिंग के चलते हुई है। मामले की जांच की जा रही है। मृतका का मोबाइल मिला है, जो लॉक है। उसे अनलॉक कर देखा जा रहा है कि आखिरी बार किससे बात हुई थी। साथ ही कोई सुराग मिलता है या नहीं।

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